Thursday, July 22, 2021
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अमिताभ बच्चन ने मुंबई के सिविल अस्पताल को दिए 1.75 करोड़ रुपए के मेडिकल इक्विपमेंट्स, इनमें हाईटेक वेंटिलेटर भी शामिल

महानायक अमिताभ बच्चन के मुताबिक, कोरोना की पहली लहर से अब तक वे करीब 15 करोड़ रुपए की मदद कर चुके हैं। - Dainik Bhaskar

महानायक अमिताभ बच्चन के मुताबिक, कोरोना की पहली लहर से अब तक वे करीब 15 करोड़ रुपए की मदद कर चुके हैं।

महानायक अमिताभ बच्चन ने सायन, मुंबई के लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल जनरल हॉस्पिटल को हाईटेक वेंटिलेटर और कुछ अन्य मेडिकल इक्विपमेंट दान किए हैं। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के मुताबिक, बिग बी ने जो इक्विपमेंट दान किए हैं, उनमें मॉनीटर्स, सी-आर्म इमेज इंटेंसिफायर और एक इन्फ्यूजन पंप शामिल है। वेंटिलेटर के अलावा ये सभी इक्विपमेंट्स करीब 1.75 करोड़ रुपए के बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिग बी द्वारा दिए गए वेंटिलेटर सर्जरी डिपार्टमेंट में लगाए गए हैं और इक्विपमेंट्स की मदद से करीब 30 पेशेंट्स का इलाज किया जा चुका है।

पिछले महीने गुरुद्वारे को दिए थे 2 करोड़ रुपए
कोरोना की पहली लहर से ही अमिताभ बच्चन लगातार प्रभावितों की मदद कर रहे हैं। पिछले महीने ही उन्होंने दिल्ली के गुरु तेगबहादुर कोविड केयर सेंटर को 2 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी थी। इस डोनेशन की जानकारी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया पर दी थी और बच्चन का शुक्रिया अदा किया था।

पहली लहर से अब तक करीब 15 करोड़ की मदद
पिछले महीने बिग बी ने अपने ब्लॉग में बताया था कि कोरोना की पहली लहर से अब तक वे करीब 15 करोड़ रुपए का दान कर चुके हैं। उन्होंने लिखा था, “इस लड़ाई में कईयों ने योगदान दिया है और लगातार कर रहे हैं। लोगों को सिर्फ उन 2 करोड़ रुपए के बारे में पता है, जो मैंने दिल्ली के एक कोविड केयर सेंटर को दिए हैं। लेकिन जैसे-जैसे दिन गुजरते जाएंगे, मेरा योगदान लगभग 15 करोड़ रुपए होगा।”

बिग बी ने 2 अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी भी ली
बिग बी ने अपने ब्लॉग में यह भी बताया था कि उन्होंने ऐसे दो बच्चों की जिम्मेदारी उठाने का फैसला भी लिया है, जिन्होंने कोविड के कारण अपने पैरेंट्स को खो दिया है। उनके मुताबिक, इन बच्चों को हैदराबाद के अनाथालय में रखा जाएगा और उनकी पहली से लेकर दसवीं तक की पढ़ाई का पूरा खर्च वे उठाएंगे। इतना ही नहीं, अगर दसवीं पूरी होने के बाद ये बच्चे प्रतिभाशाली निकलते हैं तो उनकी उच्चा शिक्षा का खर्च भी इन्हीं कंडीशंस के तहत उठाया जाएगा।

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