Friday, July 30, 2021
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दिल्ली की सियासत में घुली ऑक्सीजन, संबित पात्रा के आरोप पर मनीष सिसोदिया का पलटवार- BJP हेडक्वार्टर में बनी रिपोर्ट को किसने अप्रूव किया

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सुप्रीम कोर्ट के एक पैनल की रिपोर्ट को लेकर भाजपा और दिल्ली सरकार फिर आमने-सामने आ गए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब दिल्ली में कोरोना पीक पर था, तब केजरीवाल सरकार ने जरूरत से 4 गुना ज्यादा ऑक्सीजन की डिमांड की। इससे 12 राज्यों की सप्लाई पर असर पड़ा।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के झूठ से 12 राज्य प्रभावित हुए। इसके 20-25 मिनट बाद ही दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने कहा कि ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं। ये रिपोर्ट भाजपा हेडक्वार्टर में बैठकर बनाई गई है।

पैनल रिपोर्ट पर संबित पात्रा के आरोप, सिसोदिया का जवाब
केजरीवाल फेल हो रहे थे, उन्हें दूसरों पर दोष मढ़ना था- भाजपा

संबित पात्रा ने कहा, “दिल्ली में ऑक्सीजन को लेकर जैसी राजनीति की गई, उस पर हमने एक रिपोर्ट देखी है। दूसरी लहर में दिल्ली में हाहाकार मचा था। पर केजरीवाल ने ऑक्सीजन पर जो राजनीति की, उसका पर्दाफाश इस रिपोर्ट से हो गया। ऑक्सीजन पर भी कोई राजनीति कर सकता है क्या? पर केजरीवाल ने ऐसी छोटी राजनीति की।

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार ने कहा था कि जितनी डिमांड है, उतनी ऑक्सीजन केंद्र सरकार नहीं सप्लाई कर रही है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित पैनल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि केजरीवाल ने अपनी जरूरत से 4 गुना ज्यादा ऑक्सीजन की डिमांड की। उनके इस झूठ से 12 राज्य प्रभावित हुए।’

संबित पात्र ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि केजरीवाल सरकार ने लोगों को धोखा दिया है।

संबित पात्र ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि केजरीवाल सरकार ने लोगों को धोखा दिया है।

केजरीवाल को दूसरों पर दोष मढ़ना था
पात्रा ने आगे कहा कि कोरोना के वक्त आप फेल हो रहे थे और आपको किसी पर दोष मढ़ना था इसीलिए आपने ऑक्सीजन की किल्लत का बहाना शुरू कर दिया। केजरीवाल दूसरे राज्यों पर आरोप मढ़ने लगे। केजरीवाल ने 1140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की डिमांड की थी। जब दिल्ली के अस्पतालों का ऑडिट किया गया तो पता चला कि केजरीवाल ने 4 गुना ज्याद ऑक्सीजन की डिमांड की। ये जघन्य अपराध है, जो केजरीवाल ने किया है।’

भाजपा को चुनौती देता हूं, ऐसी रिपोर्ट हो तो सामने लाएं: सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा, “भाजपा के नेता जिस रिपोर्ट के हवाले से केजरीवालजी को गालियां दे रहे हैं, ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं। भाजपा झूठ बोल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी बनाई थी। हमने इसके मेंबर्स से बात की है। सबका कहना है कि उन्होंने कोई रिपोर्ट साइन ही नहीं की है। जब ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के सदस्यों ने कोई रिपोर्ट साइन ही नहीं की है, अप्रूव ही नहीं की है तो फिर ये रिपोर्ट है कहां? ये कौन सी रिपोर्ट है? कहां से आई है? क्या कोई ऐसी रिपोर्ट है ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी की, जिसे मेंबर्स ने अप्रूव किया है और साइन किया है?’

“मैं चुनौती देता हूं भाजपा नेताओं को कि ऐसी रिपोर्ट लाइए। झूठ और मक्कारी की इंतेहा होती है और भाजपा उस चरम पर पहुंच गई है। ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि कानूनी मामलों में ऐसी चीजें ठीक नहीं है। अप्रैल में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हुआ था। जिनके लोग भर्ती थी, वो इस बात को जानते हैं। इसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है, जिसने पूरे देश में ऑक्सीजन मैनेजमेंट का बंटाढार कर दिया।’

ऑक्सीजन डिमांड पर लगे आरोपों का दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने जवाब दिया।

ऑक्सीजन डिमांड पर लगे आरोपों का दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने जवाब दिया।

भाजपा नेताओं को शर्म आनी चाहिए
सिसोदिया ने आगे कहा कि भाजपा के नेताओं को ये महाझूठ बोलते हुए शर्म आनी चाहिए। भाजपा हेडक्वॉर्टर में बैठकर रिपोर्ट बनाते हैं ये लोग। इसके बाद अरविंद केजरीवालजी को गाली दी जाती है। ये उन तमाम लोगों को गाली दे रहे हैं, जिन्होंने केंद्र के मिस मैनेजमेंट के कारण अपने लोग खोए। मैं मोदीजी से निवेदन करता हूं कि अपने नेताओं को संभाल लें। ये भारतीय झगड़ा पार्टी बन गई है। अपने नेताओं को कुछ ढंग का काम दें।

क्या है रिपोर्ट में?
सुप्रीम कोर्ट के एक पैनल ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में कहा है कि दिल्ली सरकार ने कोरोना संकट के पीक पर जरूरत से 4 गुना ज्यादा ऑक्सीजन की डिमांड की। इससे 12 राज्यों की सप्लाई पर असर पड़ा।

दिल्ली सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर के समय केंद्र से 1,140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की डिमांड की थी। रिपोर्ट के मुताबिक ये दिल्ली की जरूरत से 4 गुना ज्यादा है। दिल्ली में उस समय जितने ऑक्सीजन बेड थे, उसके हिसाब से दिल्ली को 289 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की ही जरूरत थी।

अस्पतालों ने भी डिमांड ज्यादा बताई
रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य तौर पर दिल्ली में 284 से लेकर 372 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन ज्यादा सप्लाई की डिमांड करने के कारण दूसरे राज्यों पर इसका असर पड़ा। पैनल दिल्ली के 4 अस्पतालों के प्रबंधन से भी इस बारे में पूछताछ कर रहा है। इन अस्पतालों में बेड के हिसाब से ज्यादा ऑक्सीजन की खपत हुई है। इसमें सिंघल अस्पताल, अरुणा आसिफ अली अस्पताल, ईएसआईसी मॉडल अस्पताल और लिफेरे अस्पताल शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन अस्पतालों ने गलत डेटा दिया और दिल्ली में ऑक्सीजन की जरूरत को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया।

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