Thursday, July 29, 2021
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जब लगातार फ्लॉप फिल्में दे रहे अक्षय कुमार से करिश्मा कपूर ने बना ली थी दूरी, नाम सुनते ही रिजेक्ट कर देती थीं फिल्में

करिश्मा कपूर 47 साल की हो गई हैं। 25 जून 1974 को मुंबई में जन्मी करिश्मा ने 1991 में ‘प्रेम कैदी’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था, जिसमें उनके हीरो हरीश कुमार थे। इसके बाद उन्होंने सुनील शेट्टी, अजय देवगन, सलमान खान, गोविंदा और अक्षय कुमार जैसे स्टार्स के साथ कई हिट फिल्में दीं। अक्षय कुमार ने तो पहली फिल्म (दीदार) ही करिश्मा कपूर के अपोजिट साइन की थी, जो 1992 में रिलीज हुई थी। लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया था, जब करिश्मा अक्षय का नाम सुनते ही फिल्म से हाथ खींच लिया करती थीं।

फिल्म दीदार के मुहूर्त पर अक्षय, करिश्मा और रणधीर कपूर।

फिल्म दीदार के मुहूर्त पर अक्षय, करिश्मा और रणधीर कपूर।

करिश्मा के मन में घर कर गई थी असुरक्षा की भावना

जैसे-जैसे करिश्मा करियर की सीढ़ियां चढ़ती जा रही थीं और उनकी लोकप्रियता बढ़ रही थी। वैसे-वैसे ही उनके मन में असुरक्षा का डर भी घर करता जा रहा था। खासकर अक्षय कुमार के साथ उनका शुरुआती सफर अच्छा नहीं रहा। ‘दीदार’ बॉक्सऑफिस पर फ्लॉप रही। इसके बाद ‘सपूत’ और ‘मैदान-ए-जंग’ भी नहीं चलीं।

यह 90 के दशक का वह दौर था, जब अक्षय की दर्जन भर से ज्यादा फिल्में फ्लॉप हुई थीं। इनमें ‘लहू के दो रंग’ (1997) भी शामिल थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस फिल्म के फ्लॉप होते ही करिश्मा इस बात को लेकर संशय में थीं कि उन्हें अक्षय के साथ और फिल्में करनी चाहिए या नहीं?

करिश्मा कपूर व्यक्तिगत तौर पर अक्षय कुमार की अच्छी दोस्त हैं। लेकिन प्रोफेशनली वो कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थीं। वो बहुत ही सावधानी से करियर की राह में आगे बढ़ रही थीं। तनुजा चंद्रा ने ‘संघर्ष’ (1999) ऑफर की। उन्हें स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई और वो फिल्म करने के लिए तैयार भी थीं। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि मेकर्स अक्षय को फिल्म में साइन करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो वो दुविधा में पड़ गईं। उनके आसपास के लोगों ने उन्हें भड़काया और अंततः उन्होंने फिल्म से हाथ खींच लिए। बाद में यह रोल प्रिटी जिंटा को गया।

रिपोर्ट में प्रियदर्शन की फिल्म हेरा फेरी (2000) को लेकर भी एक किस्सा है। कहा गया है कि करिश्मा प्रियदर्शन जैसे बेहतरीन डायरेक्टर्स के साथ काम करना चाहती थीं। प्रियदर्शन के मुताबिक, खुद करिश्मा ने इच्छा जाहिर की थी कि वो उनके साथ कम से कम एक फिल्म जरूर करना चाहेंगी। उस वक्त करिश्मा बड़ी स्टार थीं। इसलिए प्रियदर्शन उनके लिए किसी बड़े बैनर की फिल्म का इंतजार करने लगे। ताकि करिश्मा के स्टेटस के साथ न्याय हो सके।

इस बीच उनके पास ‘हेरा फेरी’ आई और उन्होंने इसके लिए करिश्मा को अप्रोच किया। इसे लेकर एक्ट्रेस काफी एक्साइटेड थी। लेकिन जैसे ही पता चला कि अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी उनके को-एक्टर होंगे तो उन्होंने फिल्म छोड़ दी। प्रियदर्शन के मुताबिक, करिश्मा ने व्यक्तिगत परेशानी का हवाला देते हुए फिल्म से किनारा किया था। बाद में इसके लिए उन्होंने तब्बू को कास्ट किया।

1997 में आई फिल्म 'लहू के दो रंग' में अक्षय-करिश्मा।

1997 में आई फिल्म ‘लहू के दो रंग’ में अक्षय-करिश्मा।

कहा जाता है कि करिश्मा की इच्छा समझते हुए मेकर्स ने उन्हें अक्षय कुमार के अपोजिट फिल्म ऑफर करना बंद कर दिया था। 1999 में रिलीज हुई ‘जानवर’ तक अक्षय और करिश्मा ने किसी फिल्म में साथ काम नहीं किया। लगातार कई फ्लॉप के बाद अक्षय को ‘जानवर’ के रूप में हिट फिल्म मिली थी।

डायरेक्टर सुनील दर्शन ने ‘जानवर’ के अपनी अगली फिल्म ‘एक रिश्ता : द बॉन्ड ऑफ लव’ के लिए इस हिट जोड़ी को फिर से कास्ट किया। यह फिल्म भी बॉक्सऑफिस पर हिट रही और करिश्मा को लगने लगा कि अक्षय फ्लॉप स्टार के टैग से बाहर निकल चुके हैं। लेकिन अब खुद करिश्मा की वैल्यू वह नहीं रही थी, जो 90 के दशक में हुआ करती थी। नतीजतन अक्षय के साथ उनकी दो फिल्में ‘हां मैंने भी प्यार किया है’ और ‘मेरे जीवन साथी’ और रिलीज हुईं, जो बॉक्सऑफिस पर फ्लॉप रहीं।

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