Thursday, July 29, 2021
Homeदुनियातिब्बत तक बुलेट ट्रेन लाना चीन की कुटिल चाल ही है, भारत...

तिब्बत तक बुलेट ट्रेन लाना चीन की कुटिल चाल ही है, भारत की सामरिक ताकत पर हो सकता है असर

बुलेट ट्रेन - Dainik Bhaskar

बुलेट ट्रेन

चीन ने भारत की सीमा पर तेजी से सैनिक सहायता के लिए बुलेट ट्रेन शुरू की है। यह तिब्बत की राजधानी ल्हासा और अरुणाचल की सीमा से सटे तिब्बत के न्यिंगची को जोड़ेगी। भारतीय सीमा के नजदीक चीन की ट्रेन से भारत की सामरिक ताकत पर किस तरह असर हो सकता है, इसे भास्कर ने मेजर जनरल (रिटायर्ड) पीके चक्रवर्ती से समझा।

Q.भारतीय सीमा से सटे क्षेत्र में चीन की बुलेट ट्रेन से भारत पर असर?
A.
सीमावर्ती क्षेत्रों में बुलेट ट्रेन लाना स्पष्ट करता है कि चीन के इरादे नेक नहीं हैं। वह युद्धकाल में तेजी से रसद, हथियार लाने के लिए इसका बेहतर इस्तेमाल करेगा। भारत को ज्यादा चौकन्ना और सतर्क रहने की जरूरत है।

Q.भारत के नजरिए से सीमा सुरक्षा कैसे प्रभावित होगी?
A.
1962 के भारत-चीन युद्ध के समय ल्हासा तक ट्रेन नहीं थी। तब हम मानते थे कि हमारी एक सीमा तो चीन से सुरक्षित है। लेकिन चीन से पहले साधारण ट्रेन शुरू की और अब हाईस्पीड ट्रेन ले आया। गलवान में भी उसने ट्रेनिंग के नाम पर 50 हजार सैनिक जुटा लिए थे और बाद में हरकत शुरू कर दी थी।

Q.क्या भारत को भी सीमा पर इस तरह की रणनीति की जरूरत है?
A.
भारत और चीन की रणनीति में अंतर है। भारत पहले से इंतजाम करके रखता है। चीन की रणनीति जरूरत पड़ने पर एकदम सामान पहुंचाने की है। इसी कारण चीन सीमाओं के पास बुलेट ट्रेन योजना ला रहा है।

Q.हम विरोध दर्ज करवा सकते हैं?
A.
कोई भी देश अपनी सीमा में कुछ भी कर सकता है, लेकिन पड़ोसी के लिए परेशानी बने तो विराेध करना ही चाहिए। सीधे तो सवाल करना बेमानी होगा, क्योंकि वो कभी सीधा जवाब नहीं देता है। भले ही पावर प्राेजेक्ट का मामला हो या गलवान घाटी का या अब बुलेट ट्रेन का। वो बहुत लंबा और उलझा हुआ जवाब देता है।

Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments