Sunday, July 25, 2021
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सीटी स्कोर 1000 से अधिक तो हार्ट अटैक का खतरा 25% ज्यादा; कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर हाई होने पर रिस्क 42% तक रहता है

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  • CT Score Greater Than 1000 Then The Risk Of Heart Attack Is 25% Higher; The Risk Remains Up To 42% If Cholesterol And Blood Sugar Are High.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हृदय रोग दुनियाभर में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है। हर साल करीब 1.79 करोड़ लोगों की मौत हृदय रोगों से होती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन कहता है, समय-समय पर जांच और लाइफस्टाइल में बदलाव करते हैं तो इस खतरे को काफी कम किया जा सकता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित शोध के अनुसार, कुछ खास जांचों से हार्ट अटैक के खतरों का अनुमान समय से पहले लगाया जा सकता है। एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुंबई के डायरेक्टर ऑफ मेडिकल अफेयर्स डॉ. विजय डीसिल्वा से जानिए ऐसी जांचों के बारे में…

सीटी स्कोर: इसे दिल का सीटी स्कैन भी कहते हैं
कोरोनरी कैल्शियम स्कैन को दिल का सीटी स्कैन भी कहा जाता है। अगर कोरोनरी कैल्शियम स्कैन स्कोर 1000 से ज्यादा है तो अगले एक साल में हार्ट अटैक की आशंका 25% अधिक है। वहीं, अगर स्कोर जीरो है तो अगले पांच साल में हार्ट अटैक का खतरा काफी कम है।

कोलेस्ट्रॉल-ब्लड शुगर: दोनों का लेवल बढ़ा तो खतरा 42% ज्यादा
कोरियन नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस सर्विस के 20-39 वर्ष के 35 लाख मरीजों के डेटा का एनालिसिस बताता है कि हाई कोलेस्ट्रॉल या हाई ब्लड शुगर से हार्ट अटैक का खतरा 42% तक अधिक होता है। अमेरिकी हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, 20 साल की उम्र के बाद 4 से 6 साल में और 40 साल की उम्र के बाद यह जांच और जल्दी करानी चाहिए।

कोरोनाकाल में दिल का ख्याल रखना क्यों जरूरी, ऐसे समझें

हृदय रोगी पहले से कोरोना के रिस्क जोन में हैं लेकिन रिकवरी के बाद भी इसका असर हार्ट पर बरकरार रहता है।

  • वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट कहती है, कोरोना से रिकवर हो चुके मरीजों के हार्ट पर गहरा असर पड़ा है। संक्रमण के इलाज के बाद इनमें सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द जैसे लक्षण दिख रहे हैं। हार्ट के काम करने की क्षमता पर बुरा असर पड़ रहा है। जो लम्बे समय तक दिखेगा।
  • अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, कोरोना से रिकवर होने वाले 100 में से 78 मरीजों के हार्ट डैमेज हुए और दिल में सूजन दिखी। रिसर्च कहती है, जितना ज्यादा संक्रमण बढ़ेगा भविष्य में उतने ज्यादा बुरे साइड-इफेक्ट का खतरा बढ़ेगा।
  • ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी की रिसर्च के मुताबिक, कोरोना से रिकवर होने वाला हर 7 में से 1 इंसान हार्ट डैमेज से जूझ रहा है। यह सीधेतौर पर उनकी फिटनेस पर असर डाल रहा है।

दिल को स्वस्थ रखने के 10 आसान तरीके

  • गेहूं की रोटी की जगह बाजरा, ज्वार या रागी अथवा इनका आटा मिलाकर बनाई रोटी खाएं। ब्रिटिशर्स के आने से पहले हम यही खाते थे। ये दिल के लिए ज्यादा फायदेमंद हैं। आम, केला, चीकू जैसे ज्यादा मीठे फल कम खाएं। इनके बजाय पपीता, कीवी, सेवफल, संतरा जैसे कम मीठे फल खाएं।
  • हर दिन चार किमी तेज चहलकदमी करें। यह इतनी तेज होनी चाहिए कि आप 30 से 35 मिनट में चार किमी कवर कर सकें। इसमें आपकी हार्ट रेट कम से कम सामान्य से डेढ़ गुनी होनी चाहिए। इससे पूरा कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम स्वस्थ रहेगा।
  • तली हुई और मीठी चीजों को भले ही पूरी तरह अवॉइड न करें, लेकिन कम जरूर करें। अगर आपने एक गुलाब जामुन खा लिया है तो फिर कम से कम एक सप्ताह तक और कोई मीठी चीज न खाएं या चाय में चीनी की मात्रा कम करके उसकी भरपाई करें।
  • सप्ताह में पांच दिन 45 मिनट तक कसरत करें (वॉकिंग भी करेंगे तो और बेहतर रहेगा)। इससे वजन को काबू में कर सकेंगे। दिल की बीमारियों की एक बड़ी वजह मोटापा है। फिटनेस को इस स्तर पर लाने का प्रयास करें कि सीधे खड़े होने पर जब आप नीचे नजरें करें तो बेल्ट का बक्कल दिखे।
  • एक व्यक्ति का जो भी आदर्श वजन होना चाहिए, उससे 10 प्रतिशत से ज्यादा न हो। 10 प्रतिशत से जितना ज्यादा वजन होगा, दिल की बीमारियां होने की आशंका उतनी ही बढ़ जाएगी। आदर्श वजन मास बॉडी इंडेक्स से निकाला जा सकता है।
  • धूम्रपान पूरी तरह छोड़ दें। लगातार धूम्रपान करने से उसका धुआं धमनियों की लाइनिंग को कमजोर करता है। इससे धमनियों में वसा के जमा होने की आशंका और भी बढ़ जाती है। इसी तरह अल्कोहल का कम से कम सेवन करें। छोड़ देंगे तो आपके लिए सबसे बेहतर रहेगा।
  • रोजाना रात को कम से कम 7 घंटे सोएं, 8 घंटे सोएंगे तो और बेहतर रहेगा। जल्दी सोएं और जल्दी उठें। रात 10 से सुबह 6 बजे तक सोने का आदर्श समय है। इससे शरीर नाइट साइकिल में बेहतर आराम कर सकेगा। दिल को भी पूरा आराम मिलेगा।
  • सभी तरह का खाना खा सकते हैं, लेकिन लिमिट में। जितनी भूख है, उससे 20 फीसदी कम खाएं। घर में वजन मापने की डिजिटल मशीन रखें। रोजाना सुबह के समय वजन चेक करें। अगर कल की तुलना में वजन ज्यादा है तो उसे आज ही खाने से या व्यायाम से मेंटेन करें। कल पर न छोड़ें।
  • अगर वॉकिंग या कसरत करने का समय नहीं मिल पा रहा है तो भी दूसरे तरीके से कैलोरी बर्न कर सकते हैं। रुटीन के दौरान हल्के-फुल्के व्यायाम करें। जैसे चाय बना रहे हैं तो उस समय 4-5 मिनट में हल्की-फुल्की वर्जिश कर लें।
  • अगर आपको एक-डेढ़ किमी दूर जाना है और आपके पास समय है (अधिकांश केवल खराब समय प्रबंधन के कारण ही समय नहीं निकाल पाते) तो पैदल ही जाइए और पैदल ही आइए। दिल के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। तीन मंजिल तक रहने वाले लोग पैदल ही सीढ़ियां चढ़ें और उतरें।

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