Thursday, July 29, 2021
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ड्रोन हमले की जांच एनआईए को सौंपी, लश्कर का हाथ होने का शक, कुंजवानी में फिर दिखा ड्रोन

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इंटरनेट और सोशल मीडिया से आतंकी विचारधारा का प्रचार और धन जुटाने के लिए क्राउड फंडिंग तकनीक के दुरुपयोग का गंभीर खतरा है। - Dainik Bhaskar

इंटरनेट और सोशल मीडिया से आतंकी विचारधारा का प्रचार और धन जुटाने के लिए क्राउड फंडिंग तकनीक के दुरुपयोग का गंभीर खतरा है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू के वायु सेना अड्‌डे (एयरबेस) पर ड्रोन हमले की जांच एनआईए को सौंप दी है। वहीं, सोमवार देर रात जम्मू के रत्नूचक इलाके के कुंजवानी में फिर संदिग्ध ड्रोन दिखा है। पिछले दो दिन में यहां तीसरी बार ड्रोन देखा गया है। इधर, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि एयबेस पर हुए ड्रोन हमले में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ हो सकता है। दूसरी ओर, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकी हमले के लिए ड्रोन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। इस पर गंभीरता से ध्यान देने को कहा है। गौरतलब है कि रविवार सुबह जम्मू एयरबेस पर ड्रोन से दो विस्फोट हुए थे।

इस बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्‌डी ने कहा, “हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान पहले भी ड्रोन से भारतीय सीमा में एके-56 जैसे हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचा चुका है। मामले की जांच जारी है। सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं।’

वहीं, सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने रत्नूचक-कुंजवानी में दो ड्रोन देखने की पुष्टि की। जवानों के फायरिंग करने पर ड्रोन पाकिस्तानी सीमा की ओर लौट गए। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा, ‘कालूचक में जो गतिविधि दिखी है, उसमें भी लश्कर का हाथ होने का शक है।

पुलिस इस नए तरीके के खतरे को लेकर चौकस है। हम जांच कर रहे हैं। जो तथ्य मिलेंगे उन्हें दूसरी एजेंसियों से साझा करेंगे। लोगों को भी अभी ड्रोन का इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए गए हैं।’ दूसरी ओर, श्रीनगर के पुलिस महनिरीक्षक (आईजी) विजय कुमार ने बताया कि जम्मू में हमले के बाद कश्मीर घाटी में भी महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

आतंकियों का नया हथियार बन सकता है ड्रोन : भारत
संयुक्त राष्ट्र की आमसभा में भारत ने आतंकी गतिविधियों में ड्रोन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया है। बैठक में शामिल विशेष सचिव-गृह वीएसके कौमुदी ने कहा, “आतंकी हमले के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर सभी देशों को ध्यान देने की जरूरत है। इंटरनेट और सोशल मीडिया से आतंकी विचारधारा का प्रचार और धन जुटाने के लिए क्राउड फंडिंग तकनीक के दुरुपयोग का गंभीर खतरा है। सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने के कारण ड्रोन खुफिया जानकारी जुटाने, हथियार या विस्फोटक पहुंचाने और हमले के लिए इस्तेमाल दुनियाभर के लिए चुनौती है।

सीमा पार से हथियारों की तस्करी के लिए भी ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है।’ कौमुदी ने कहा, “कोरोना महामारी के दौरान आतंकी संगठनों ने दुष्प्रचार के लिए वीडियो गेम्स का सहारा लिया है। ऐसे में, यह बेहद जरूरी है कि तकनीकों के गलत इस्तेमाल के चलते आए खतरों से निपटने के लिए दुनिया नया दृष्टिकोण अपनाए।’

इधर, पीएम ने राजनाथ, शाह व डोभाल के साथ बैठक की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बैठक की। ड्रोन हमले के बाद हुई इस बैठक का फाेकस सुरक्षा के लिए भावी चुनाैतियाें के लिए विस्तृत नीति पर रहा। तीनाें सेनाओं काे मिलकर इस पर काम करने के लिए कहा गया है। इसके लिए जाे भी आवश्यक हाे उसकी खरीदी करने काे कहा गया है। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान रक्षा सेक्टर में भविष्य की चुनौतियों पर बातचीत हुई।

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