Sunday, July 25, 2021
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आषाढ़ महीना 25 जून से 24 जुलाई तक, इन दिनों गुप्त नवरात्र और देवशयनी एकादशी जैसे 10 बड़े पर्व

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  • आषाढ़ महीने में ही रहेगी कर्क संक्रांति, इस दिन सूर्य के कर्क राशि में आने के बाद होगी दक्षिणायन की शुरुआत

हिंदू कैलेंडर का नया महीना आषाढ़ 25 जून से शुरू होकर 24 जुलाई तक रहेगा। आषाढ़ मास में कई त्योहार आएंगे। इस महीने भड़ली नवमी और देवशयनी एकादशी जैसे 10 बड़े व्रत और पर्व रहेंगे। इनमें हलहारिणी अमावस्या, गुप्त नवरात्र, भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा महोत्सव और गुरु पूर्णिमा जैसे त्योहार रहेंगे। आषाढ़ महीने में ही सूर्य कर्क संक्रांति रहेगी। यानी सूर्य मिथुन से कर्क में आ जाएगा और दक्षिणायन की शुरुआत होगी। दक्षिणायन के 6 महीनों को देवताओं की रात का समय माना जाता है।

आषाढ़ महीने के तीज-त्योहार और पर्व

योगिनी एकादशी: 5 जुलाई को आषाढ़ के कृष्णपक्ष की एकादशी रहेगी। इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार और योगीराज श्रीकृष्ण की पूजा की भी परंपरा है।

हलहारिणी अमावस्या: 9 जुलाई को आषाढ़ महीने की अमावस्या है। इसे हलहारिणी अमावस्या भी कहते हैं। इस पर्व पर स्नान-दान के साथ पितरों के श्राद्ध करने की परंपरा है साथ ही इस दिन धरती देवी की विशेष पूजा की जाती है।

गुप्त नवरात्र: 11 जुलाई से गुप्त नवरात्र शुरू होंगे। इसमें साधना का विशेष महत्व रहेगा। भक्त तंत्र, मंत्र साधना करेंगे।

रथयात्रा महोत्सव: 12 जुलाई को रथ यात्रा महोत्सव मनाया जाएगा। भगवान जगन्नाथजी की यात्रा का निकलेगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग भी रहेगा।

विनायक चतुर्थी व्रत: 13 जुलाई को गणेश जी के लिए व्रत रखने की तिथि विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी। इस बार ये मंगलवार को होने से अंगारकी चतुर्थी रहेगी।

कर्क संक्रांति: 16 जुलाई को सूर्य मिथुन से निकलकर कर्क में आ जाएगा। इस दिन से दक्षिणायन की शुरुआत भी मानी जाती है। इस पर्व पर स्नान-दान और सूर्य पूजा की परंपरा है।

भड़ली नवमी: 18 जुलाई को भड़ली नवमी रहेगी। राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित कुछ राज्यों में ये तिथि विवाह और सभी मांगलिक कामों के लिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है।

देवशयनी एकादशी: 20 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। इस संबंध में मान्यता है कि इस तिथि से चार माह के लिए भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन करने चले जाते हैं और फिर देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। इसी दिन से चातुर्मास भी शुरू हो जाएंगे। इन चार माह में मांगलिक व शुभ कार्य वर्जित रहते हैं।

वामन द्वादशी: 21 जुलाई को भगवान विष्णु के लिए व्रत रखकर वामन अवतार की पूजा की जाती है। भगवान के इस अवतार की कथा पाताल के राजा बलि से जुड़ी है। इसलिए दक्षिण भारत में इस दिन राजा बलि की भी पूजा होती है।

गुरु पूर्णिमा: 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पड़ेगी। इसी तिथि पर आषाढ़ मास खत्म हो जाएगा और 25 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत होगी।

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