Friday, July 30, 2021
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अगर जानकारी भरोसेमंद नहीं हुई तो यूजर को बताएगा गूगल, अलर्ट भी करेगा- इस विषय पर ठोस सूचनाएं नहीं हैं

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गलत, आधी-अधूरी सूचनाओं को रोकने के लिए गूगल कर रहा रिसर्च। - Dainik Bhaskar

गलत, आधी-अधूरी सूचनाओं को रोकने के लिए गूगल कर रहा रिसर्च।

टेक दिग्गज गूगल ने आखिरकार मान लिया है कि उसका सर्च इंजन सर्वज्ञानी नहीं है। इसलिए कंपनी ऐसे फीचर का परीक्षण कर रही है, जिसके तहत अगर सर्च के नतीजे भरोसे लायक नहीं हैं या बार-बार बदल रहे हैं तो वह यूजर्स को इसके बारे में सूचित करेगा। यह पहल गलत सूचनाओं से लड़ने की गूगल की कोशिशों का ही हिस्सा है।

खासतौर पर 2020 के विवादास्पद अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव और कोरोना महामारी को लेकर फैलाई गई गलत सूचनाओं के मद्देनजर टेक कंपनी ने यह कदम उठाया है। इसके तहत गूगल ब्रेकिंग विषयों पर यूजर्स को अतिरिक्त जानकारी और संदर्भ देने का काम कर रहा है। हालांकि टेक विशेषज्ञों का दावा है कि फिलहाल यह फीचर कुछ सर्च में ही दिखाई दे रहा है।

गूगल सर्च के पब्लिक लाइजनिंग प्रमुख डैनी सुलिवन कहते हैं, जब भी कोई यूजर गूगल पर सर्च करता है, तो हम सबसे प्रासंगिक और विश्वसनीय जानकारी दिखाने की कोशिश करते हैं, लेकिन बहुत सी ऐसी चीजें मिलती हैं, जो पूरी तरह से नई हैं। ब्रेकिंग खबरों और अपडेट हो रहे विषयों के बारे में अक्सर ऐसा होता है कि पहले से दी गई जानकारी सबसे ज्यादा भरोसमंद नहीं रह जाती।

इसके बारे में पता लगाने के लिए हमने अपने सिस्टम को प्रशिक्षित किया है कि कौन से विषय कब तेजी से डेवलप हो रहे हैं। साथ ही यह भी जान सकेंगे कि स्रोत कितने प्रामाणिक हैं। दरअसल गूगल ने पिछले साल अप्रैल में यूजर्स को यह बताना शुरू किया था कि नतीजे देने के लिए किसी विषय विशेष के लिए अच्छे और पर्याप्त मिलान नहीं हैं।

इस साल फरवरी में कंपनी ने ‘अबाउट’ बटन पेश किया, जो अतिरिक्त संदर्भ देता है। कई बार आरोप लगते रहे हैं कि गूगल में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (एफएक्यू) सिर्फ अमेरिका तक ही सीमित होते हैं, कंपनी इस पर भी काम कर रही है। एफएक्यू अक्सर किसी यूजर के सवालों का अनुमान लगाने में मददगार होते हैं।

प्रामाणिक सूचना न होने पर दिखेगा- नतीजे तेजी से बदल रहे हैं

डैनी सुलिवन ने इसे उदाहरण देकर समझाया कि नए फीचर के तहत गूगल पर ‘यूएफओ 106 एमपीएच’ खोजने से एक संक्षिप्त जानकारी मिलेगी कि ‘ऐसा लगता है कि ये नतीजे तेजी से बदल रहे हैं।’ इसके अलावा हम यूजर को यह सलाह दे सकते हैं कि विषय नया है ‘विश्वसनीय स्रोतों द्वारा नतीजों को जोड़ने में समय लग सकता है’, पर सोशल मीडिया पर इसकी खासी चर्चा हो रही है, इसलिए हम बता सकते हैं कि ‘यह ट्रेंडिंग कर रहा है।’ हम यह भी बता सकते हैं कि ‘इसके बारे में ठोस जानकारी नहीं है, इस बारे में नया कंटेंट जरूर आएगा।’

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