Thursday, July 29, 2021
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43% भारतीय ग्राहकों ने चाइनीज प्रोडक्ट्स नकारा, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान चीन से ट्रेड फिर बढ़ा

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भारत और चीन के बीच 2020 में हुए हिंसक झड़प को एक साल हो गए हैं। लेकिन देशवासियों में चीन के खिलाफ गुस्सा कम नहीं हुआ है। लोगों ने चाइनीज सामानों की खरीद कम कर दी है। इस बात का खुलासा एक सर्व में हुई, जिसे ऑनलाइन कंपनी लोकलसर्कल्स ने किया।

43% भारतीय ग्राहकों ने नहीं खरीदा चाइनीज प्रोडक्ट्स
सर्वे के मुताबिक करीब 43% भारतीय ग्राहकों में ‘मेड इन चाइना’ प्रोडक्ट्स नहीं खरीदा। 34% ग्राहकों ने सालभर में चीन के बने केवल 1 या 2 सामान खरीदे हैं। वहीं, 8% ऐसे ग्राहक रहें जिन्होंने 3 से 5 चाइनीज आइटम खरीदे। रिपोर्ट में कहा गया कि केवल 4% ग्राहकों ने 5-10 सामान, 3% ने 10-15 सामान और सिर्फ 1% लोगों ने 20 से ज्यादा चाइनीज आइटम की खरीदारी की। जबकि सर्वे में शामिल 6% लोगों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

1 से 10 जून के बीच किया गया सर्वे
लोकल सर्कल्स के सर्वे को देश के 281 जिलों में 17,800 रिएक्शन मिलीं। इसे 1-10 जून के बीच किया गया, जिसमें शामिल 67% रिएक्शन पुरुषों और 33% महिलाओं की रही। एरियावाइज देखें तो सर्वे में 44% लोग टीयर-1, 31% लोग टीयर-2 और 25% लोग टीयर-3,4 और ग्रामीण जिलों से शामिल हुए।

भारतीय ट्रेड में चीन की बड़ी हिस्सेदारी
भारत के ट्रेड में चीन की हिस्सेदारी की बात करें तो इंटरमीडिएट गुड्स के लिए भारतीय इंपोर्ट में 12% हिस्सेदारी चीन की है, कैपिटल गुड्स में 30% और कंज्यूमर गुड्स 26% हिस्सेदारी है। हालांकि सर्वे रिपोर्ट में कहा गया कि 2020 में चीन के साथ ट्रेड के आंकड़े 5.6% गिरकर 87.6 अरब डॉलर पर आ गई थी, लेकिन 2021 के शुरुआती 5 महीने में चाइनीज इंपोर्ट 42% बढ़ गई। क्योंकि भारत ने महामारी के दौरान चीन से बड़ी संख्या में लाइफ सेविंग इक्विपमेंट और मेडिकल ऑक्सीजन इक्विपमेंट मंगवाए।

जून 2020 में हुआ था हिंसक झड़प
बता दें कि जून 2020 में पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चाइनीज आर्मी के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद केंद्र सरकार ने कई ‘मेड इन चाइना’ उत्पादों के आयात पर भी रोक लगा दी, ताकी आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिले। इसके अलावा भारत सरकार ने 100 से ज्यादा चाइनीज मोबाइल ऐप को भी बैन किया।

इसी साल नवंबर में त्योहारी सीजन के दौरान ‘लोकलसर्किल्स’ द्वारा किए गए एक में पाया गया कि 71% भारतीय ग्राहकों चाइनीज प्रोडक्ट्स नहीं खरीदे। जिन लोगों ने खरीदा भी तो उन्होंने कम कीमत के चलते खरीदारी की।

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