Sunday, July 25, 2021
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जंक फूड के विज्ञापन ऑनलाइन नहीं दिखाए जा सकेंगे, टीवी पर भी रात 9 बजे से पहले प्रतिबंध

बच्चों और किशोरों को सेहतमंद रखने की कवायद, ब्रिटेन में 2023 में लागू होंगे नए नियम। - Dainik Bhaskar

बच्चों और किशोरों को सेहतमंद रखने की कवायद, ब्रिटेन में 2023 में लागू होंगे नए नियम।

लोगों में बढ़ते मोटापे को नियंत्रित करने के लिए तरह-तरह के जतन करने के बाद भी सफलता न मिलने पर ब्रिटेन सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत 2023 से ब्रिटेन में जंक फूड के विज्ञापन ऑनलाइन नहीं दिखाए जा सकेंगे। इसके अलावा टीवी पर भी इनका प्रसारण रात 9 बजे से पहले और सुबह 5.30 बजे के बाद नहीं किया जा सकेगा। लाइव और ऑन डिमांड कार्यक्रमों में भी ऐसे विज्ञापन बैन रहेंगे। इसकी कवायद अगले साल के आखिर तक शुरू हो जाएगी।

ब्रिटेन के स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल विभाग ने इसकी घोषणा गुरुवार को की। इस फैसले का असर चॉकलेट, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक्स, केक, पिज्जा और आइस्क्रीम के विज्ञापनों पर पड़ेगा। दरअसल ब्रिटेन में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, कोरोना से ज्यादा मौतों की एक वजह मोटापा भी है। इसलिए पीएम बोरिस जॉनसन ने इस समस्या को प्राथमिकता में रखा है।

ये कठोर प्रतिबंध पीएम की अगुवाई में ही लाए गए हैं। वे खुद भी कोरोना से बाल-बाल बचे हैं। ऐसे हालातों में वे मोटापे से लड़ने के लिए कमर कस चुके हैं। उन्होंने अस्पताल में मुश्किल वक्त बिताने के बाद इसे चुनौती के तौर पर लिया था। इसके तहत अप्रैल-2021 से जंक फूड पर एक के साथ एक मुफ्त ऑफर्स पर बैन लगाने का प्रस्ताव दिया था।

टीवी विज्ञापनों की बात तभी से उनके मन में थी। ताजा फैसले को लेकर ब्रिटेन की लोक स्वास्थ्य मंत्री जो चर्चिल कहती हैं कि किशोर और बच्चे जो कंटेंट देखते हैं, उसका असर उनके द्वारा चुने गए विकल्पों पर पड़ता है। वैसे भी इन दिनों वे ज्यादा वक्त ऑनलाइन बिता रहे हैं, ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें अस्वास्थ्यकर विज्ञापनों से बचाएं।

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की सीईओ कार्माइन ग्रिफिथ के मुताबिक इस तरह के प्रतिबंध बच्चों को जंक फूड के विज्ञापनों की बाढ़ से बचाने की दिशा में साहसिक और बहुत सकारात्मक कदम हैं। ब्रिटेन के ओबेसिटी हेल्थ अलायंस द्वारा इस साल किए गए विश्लेषण के मुताबिक इस तरह के विज्ञापनों पर बैन से बच्चों के खानपान से 15 करोड़ चॉकलेट और 4.1 करोड़ चीजबर्गर हटाने का फायदा मिल सकता है।

इस वक्त ब्रिटिश बच्चों में सबसे ज्यादा मोटापा, उनकी सेहत को जोखिम

ब्रिटेन के एनएचएस के मुताबिक देश की 60% वयस्क आबादी मोटापे से ग्रस्त है। तीन में से एक बच्चा प्राइमरी स्कूल छोड़ते वक्त बहुत मोटा हो चुका होता है। इस वक्त ब्रिटिश बच्चों में सर्वाधिक मोटापा है। 11 साल के पांच बच्चों में से एक बहुत वजनी है। देश में 1.11 लाख बच्चे गंभीर मोटापे की जद में हैं।

इन्हें डायबिटीज, हार्ट और स्ट्रोक का जोखिम है। समस्या पर नियंत्रण के लिए 2018 में शुगर टैक्स शुरू किया गया था। रॉयल कॉलेज पीडियाट्रिक्स के विशेषज्ञों का कहना है कि अब भी दैनिक जरूरत की 70% चीनी नाश्ते के एक बाउल में होती है, इस पर नियंत्रण जरूरी है।

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