Tuesday, September 21, 2021
Homeदुनियावकील ने डोमिनिका की कोर्ट को बताया- मानसिक तनाव और हाई ब्लड...

वकील ने डोमिनिका की कोर्ट को बताया- मानसिक तनाव और हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहा है मेहुल

  • Hindi News
  • International
  • Mehul Choksi । Not Attaindes Dominica Court Hearing; Suffering From Mental Stress & High Blood Pressure

भारतीय कानूनों को ताक पर रखकर देश से फरार होने वाला PNB घोटाले का आरोपी मेहुल चौकसी मानसिक तनाव और हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से जूझ रहा है। उसकी तकलीफ इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि अब वह डोमिनिका की कोर्ट में पेशी भी अटेंड नहीं कर रहा है।

डोमिनिका में अवैध तरीके से घुसने के मामले में 14 जून को चौकसी की पेशी थी। वह पेशी पर नहीं पहुंचा। उसके वकील ने कोर्ट को बताया कि मेहुल चौकसी की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण वह कोर्ट नहीं आ सकता।

चौकसी के वकील ने कोर्ट को उसका मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाया। खास बात यह है कि सर्टिफिकेट डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप हॉस्पिटल ने जारी किया है। पिछले 2 सप्ताह से इस अस्पताल में ही चौकसी का इलाज चल रहा है।

अब 25 जून को होगी पेशी
चौकसी के मेडिकल सर्टिफिकेट में लिखा था कि वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो सकता, क्योंकि उसे मानसिक तनाव और हाई ब्लड प्रेशर की बामारी है। इसके बाद कोर्ट ने केस की तारीख आगे बढ़ा दी। अब 25 जून की सुबह 9 बजे (डोमिनिका का समय) अगली सुनवाई होगी।

कोर्ट ने चौकसी को 17 जून को भी पेश होने का आदेश दिया है, ताकि उसकी रिमांड बढ़ाई जा सके। अगली सुनवाई तक चौकसी फिलहाल डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप हॉस्पिटल में भर्ती रहेगा। डोमिनिका की पुलिस उस पर नजर रखेगी। इस अस्पताल को चीन की फंडिंग से बनाया गया है। 6 फरवरी 2019 को डोमिनिका के प्रधानमंत्री रोजरवेल्ट स्केरिट और उनकी पत्नी मेलिसा स्केरिट ने अस्पताल का उद्घाटन किया था। इसे बनाने में 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्च आया था।

6 फरवरी 2019 को चीन की मदद से बने डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप हॉस्पिटल का उद्घाटन करते वहां के PM रोजरवेल्ट स्केरिट और उनकी पत्नी मेलिसा।

6 फरवरी 2019 को चीन की मदद से बने डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप हॉस्पिटल का उद्घाटन करते वहां के PM रोजरवेल्ट स्केरिट और उनकी पत्नी मेलिसा।

हिरासत को हाईकोर्ट में किया चैलेंज
चौकसी पर गैरकानूनी तरीके से डोमिनिका में एंट्री करने का आरोप है, लेकिन उसने अपनी हिरासत को हाईकोर्ट में चैलेंज किया है। चौकसी का दावा है कि उसे एंटीगुआ-बारबूडा से अपहरण कर डोमिनिका लाया गया था। हालांकि, सरकारी वकील ने चौकसी के दावे का विरोध करते हुए कहा कि वह गैरकानूनी तरीके से डोमिनिका में एंटर हुआ है और इसी के चलते उसे हिरासत में लिया गया था।

कोर्ट में दाखिल किया फर्जी हलफनामा
चौकसी ने भारत के सामने पेशकश रखी थी। उसने कहा था कि भारतीय अधिकारी डोमिनिका आएं और अपनी जांच से जुड़े कोई भी सवाल पूछें। चौकसी ने दावा किया था कि उसने भारत सिर्फ इलाज के लिए छोड़ा था। वह कानून का पालन करने वाला नागरिक है। चौकसी ने ये बातें डोमिनिका हाईकोर्ट में भेजे अपने हलफनामे में कही थीं।

चौकसी ने हलफनामे में कहा कि भारतीय अधिकारी मेरे खिलाफ किसी भी जांच के सिलसिले में सवाल कर सकते हैं। मैं उन्हें यहां आने और सवाल पूछने का ऑफर देता हूं। जब मैं अमेरिका में इलाज कराने के लिए भारत छोड़ रहा था, तब मेरे खिलाफ किसी भी एजेंसी द्वारा कोई भी वारंट नहीं जारी किया गया था।

चौकसी बेहद शातिर आदमी: CBI
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन (CBI) ने डोमिनिका की कोर्ट में एफिडेविट दाखिल किया था। CBI ने कोर्ट से कहा था कि मेहुल चौकसी बहुत ही शातिर व्यक्ति है। उसने कुछ लोगों के साथ मिलकर बैंक से गलत तरीके से लोन हासिल किया। जांच के दौरान CBI ने उसे कई बार गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन वह देश में नहीं था। उसने डोमिनिका की कोर्ट से भी झूठ बोला है कि उसके खिलाफ भारत में कोई मामला नहीं चल रहा है।

डोमिनिका पहुंचने से पहले एंटीगुआ में रह रहा था चौकसी
मेहुल चौकसी एंटीगुआ की नागरिकता लेकर 2018 से वहीं रह रहा था, लेकिन 23 मई को अचानक वहां से लापता हो गया। इसके 2 दिन बाद वह डोमिनिका में पकड़ा गया था। इस पूरे मामले के बीच एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन की एक चिट्ठी भी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि मेहुल ने नागरिकता से संबंधित जानकारी छिपाई थी।
14 अक्टूबर 2019 को लिखे खत में ब्राउन ने कहा था, ‘मैं एंटीगुआ और बारबूडा नागरिकता अधिनियम, कैप 22 की धारा 8 के मुताबिक एक आदेश देने का प्रस्ताव करता हूं ताकि आपको तथ्यों को जानबूझकर छिपाने के आधार पर एंटीगुआ और बारबूडा की नागरिकता से वंचित किया जा सके।’

खबरें और भी हैं…

Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments