Sunday, July 25, 2021
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महामारी को कंट्रोल करना है तो बच्चों का वैक्सीनेशन जरूरी, तीसरी वेव रोकने के 3 तरीके भी बताए

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डॉ. गुलेरिया ने कहा है कि जल्द से जल्द हमें बच्चों के लिए वैक्सीन बनानी होगी। - Dainik Bhaskar

डॉ. गुलेरिया ने कहा है कि जल्द से जल्द हमें बच्चों के लिए वैक्सीन बनानी होगी।

बच्चों की वैक्सीन के मुद्दे पर बुधवार को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज दिल्ली (AIIMS) के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने जरूरी बात कही है। उन्होंने कहा है कि यदि महामारी को पूरी तरह रोकना है तो सबका वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है। हमें जल्द से जल्द बच्चों के लिए वैक्सीन बनानी होगी, ताकि उनका वैक्सीनेशन भी किया जा सके।

दूसरे देशों से वैक्सीन आयात करने पर डॉ. गुलेरिया ने कहा है कि अमेरिकी कंपनी फाइजर से कई मुद्दों पर बातचीत चल रही है। सरकार और कंपनी के बीच जल्द ही वैक्सीन को लेकर समझौता हो सकता है और मुझे उम्मीद है कि जल्द ही दोनों के बीच करार हो जाएगा। डील होते ही तेजी से फाइजर की वैक्सीन देश में इंपोर्ट की जाएगी।

तीसरी लहर रोकने के 3 तरीके
1. भारत की ज्यादा से ज्यादा आबादी का वैक्सीनेशन करना होगा।
2. लोगों को कोविड गाइडलाइंस का पालन करना होगा।
3. ऐसे इलाकों की मॉनिटरिंग करनी होगी, जहां कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं।

6 से 8 हफ्तों में तीसरी लहर की चेतावनी दी थी
इससे पहले डॉ. गुलेरिया ने 19 जून को कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की थी। उन्होंने कहा था कि यदि कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं किया गया और बाजारों या टूरिस्ट स्पॉट पर लगने वाली भीड़ को नहीं रोका गया तो कोरोना की तीसरी लहर सिर्फ 6 से 8 हफ्तों में पूरे देश पर अटैक कर सकती है।

बच्चों पर तीसरी लहर का खतरा कम
डॉ. गुलेरिया ने कहा था कि अभी तक की रिसर्च में ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं कि कोरोना की तीसरी लहर बड़ों से ज्यादा बच्चों को प्रभावित करेगी। इससे पहले भारत के महामारी विशेषज्ञों ने पहले सितंबर-अक्टूबर तक कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई थी।

अप्रैल-मई में आया था दूसरी लहर का पीक
देश में अप्रैल और मई महीने के बीच कोरोना की दूसरी लहर भारत में पीक पर पहुंची थी। इस बीच देशभर में कोरोना से मौतों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। अधिकतर राज्यों में इस बीच ऑक्सीजन की शॉर्टेज भी देखी गई थी। इसके बाद पिछले कुछ दिनों से कोरोना के केस घटने शुरू हो गए हैं।

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