Thursday, July 29, 2021
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आधुनिक चिकित्सा की कोई भी पद्धति पूरी तरह कारगर नहीं, एलोपैथी में सिर्फ 17 बीमारियों का प्रामाणिक इलाज

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अब सभी चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय की जरूरत है। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

अब सभी चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय की जरूरत है। (फाइल फोटो)

  • सलाह दी- सभी चिकित्सा पद्धतियों का समन्वय हो

कोरोना ने इलाज की पद्धतियों की सीमाओं और खामियों को उजागर किया है। कई डॉक्टर और आयुर्वेद के जानकार अपनी पद्धति को दूसरों से बेहतर बता रहे हैं। इन दावों के बीच देश के तीन शीर्ष अस्पतालों के डाक्टरों ने चिकित्सा पद्धतियों का अध्ययन किया।

इस अध्ययन के बाद डॉक्टरों ने कहा- ‘आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की कोई भी पद्धति पूर्ण कारगर नहीं है। एलोपैथी में सिर्फ 17 बीमारियों का प्रामाणिक इलाज है। इसमें बाकी बीमारियों का इलाज लक्षण आधारित है। जबकि 21 बीमारियां ऐसी हैं, जिनका पूर्ण इलाज एलोपैथी से बाहर ही संभव है।’

अध्ययन में एम्स, दिल्ली की डॉ. बिंदिया पाहुजा, फोर्टिस के डॉ. अमन गुप्ता और सफदरजंग अस्पताल के डॉ. विजेंद्र कंवर ने हिस्सा लिया। अध्ययन का नाम “15 मिसिंग लिंक्स ऑफ मॉडर्न मेडिसिन’ है। डॉ. अमन गुप्ता बताते हैं- ‘सामान्य जुकाम से लेकर कैंसर, दमा, एलर्जी, गठिया, डेंगू, इबोला, आनुवांशिक विकार, डायबिटीज, एचआईवी संक्रमण, मोटापा, पोलियो जैसी बीमारियों को पूरी तरह ठीक करना संभव नहीं है।

इनमें एलोपैथी मरीज को आराम देने के उपायों पर काम करती है।’ डॉ. बिंदिया ने कहा- ‘कोरोना ने सभी इलाज पद्धतियों की लाचारी सामने ला दी। एलोपैथी के अलावा अन्य चिकित्सा पद्धतियों से भी कोरोना का इलाज करने की कोशिश की गई। अब सभी चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय की जरूरत है। ऐसे में एक-दूसरे का पूरक के तौर इस्तेमाल कर मरीजों का भला किया जा सकता है।’

अध्ययन में कोरोना के असर के आठ बड़े कारण बताए
अध्ययन में कोरोना के असर के 8 बड़े कारण बताए गए हैं। जैसे- उन्हें कोरोना हुआ, जिनके शरीर में संक्रमण से लड़ने के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं थी। जो ऊर्जा थी, उसका इस्तेमाल शरीर के दूसरे सिस्टम्स के फंक्शन पर अधिक हो रहा था। मरीज की रोग प्रतिरोधी प्रणाली दूसरी बीमारियों से लड़ने में व्यस्त थी। तनाव, भय, मस्तिष्क या स्नायु विकारों से मरीजों पर अधिक असर हुआ। अध्ययन में सलाह दी गई है कि डॉक्टरों को इन कमियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गाइड की भूमिका निभानी चाहिए।

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