Friday, July 23, 2021
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दुनियाभर में हर सौ में एक मौत की वजह सुसाइड, महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में मौत के मामले दोगुने से ज्यादा; महामारी ने मौत के कारण भी बढ़ाए

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में हर 100 में से एक मौत की वजह सुसाइड है। कोरोना के कारण सुसाइड के लिए उकसाने वाले फैक्टर बढ़े हैं। 2019 में 7 लाख मौतें सिर्फ सुसाइड से हुई हैं। यह आंकड़ा एचआईवी, मलेरिया जैसी बीमारियों से होने वाली मौतों से भी ज्यादा है।

WHO के मुताबिक, महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में सुसाइड के मामले दोगुने से अधिक थे। महिलाओं में एक लाख पर यह आंकड़ा 5.4 फीसदी था। वहीं, पुरुषों में यह 12.6 फीसदी था। सुसाइड के मामले रोकने के लिए WHO ने लिव-लाइफ नाम से एक सीरिज शुरू की है।

अधिक आय वाले देशों में मौत के मामले ज्यादा
अधिक आय वाले देशों के सुसाइड से मौत के मामले पुरुषों में अधिक देखे गए। वहीं, महिलाओं में सुसाइड के सबसे ज्यादा मामले मध्यम आय वाले देशों में सामने आए। यह आंकड़ा एक लाख महिलाओं में 7.1 फीसदी था।

सुसाइड के मामले सबसे ज्यादा 11.2% अफ्रीकी जोन में देखे गए। इसके बाद यूरोपियन (10.5%) और साउथ-ईस्ट एशिया (10.2%) है। वहीं, मौत के सबसे कम (6.4%) मामले ईस्टर्न मेडिटेरेनियन जोन में हैं।

महामारी से पहले सुसाइड के मामले कम थे रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ अमेरिका को छोड़कर 2019 में दुनियाभर में महामारी से पहले सुसाइड के आंकड़े घट रहे थे। 15 से 29 साल के उम्र वर्ग वाले युवाओं में सड़क दुर्घटना के बाद सुसाइड मौत का चौथा बड़ा कारण है। लेकिन महामारी शुरू होने के बाद मामले बढ़े हैं।

हर मौत एक आपदा है
WHO के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अधानोम कहते हैं, महामारी फैलने के बाद दुनियाभर में सुसाइड करने की वजह बढ़ी हैं। कई महीनों तक महामारी के बीच रहने के बाद अभी सुसाइड से होने वाली मौतों को रोकना भी सबसे ज्यादा जरूरी है।

महामारी के दौरान लोगों की नौकरियां जाना, पैसों की किल्लत और समाज से हुई दूरी जैसे रिस्क फैक्टर्स ने सुसाइड के मामले बढ़ाएं हैं। हम सुसाइड के मामलों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। हर मौत एक आपदा है।

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