Thursday, July 29, 2021
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राम-मंदिर में घोटाले के आरोपों के बीच 25 जून को अयोध्या के अफसरों के साथ बैठक करेंगे PM मोदी; सीएम योगी भी शामिल होंगे

फोटो 5 अगस्त 2020 की है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास करने पहुंचे थे। - Dainik Bhaskar

फोटो 5 अगस्त 2020 की है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास करने पहुंचे थे।

अयोध्या से बड़ी खबर आ रही है। यहां राम मंदिर के लिए खरीदी जा रही जमीनों पर लगे घोटालों के आरोपों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 जून को अयोध्या के बड़े अफसरों के साथ मीटिंग करेंगे। इस मीटिंग में सीएम योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री भी शामिल होंगे।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या के विकास से जुड़े योजनाओं की समीक्षा करेंगे। अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी (ADA) ने 20 हजार करोड़ रुपए की विकास योजनाएं तैयार की हैं। इसे अयोध्या में रहने वाले 5 हजार लोगों ने मिलकर तैयार किया है। इसके अलावा, अलग-अलग देश और राज्यों से आए 500 टूरिस्ट का भी सुझाव लिया गया। बताया जाता है कि बैठक में प्रधानमंत्री एक-एक योजना की प्रोग्रेस रिपोर्ट जानेंगे। पीएमओ ने भी सभी विभागीय अफसरों को इसके लिए तैयार रहने के लिए कहा है।

इन योजनाओं को मिल चुकी है मंजूरी

  • 10 हजार करोड़ रुपए से ग्रीनफील्ड सिटी योजना विकसित की जाएगी।
  • 5000 करोड़ रुपए से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनना है। ये दूसरे चरण में विकसित किया जाएगा।
  • 2000 करोड़ रुपए से सरयू तट पर करीब 13 किलोमीटर के क्षेत्र में विकास कार्य होना है।
  • 2588 करोड़ रुपए की लागत से 65 किलोमीटर की रिंग रोड बनना है।
  • 200 करोड़ की ब्लू रोड बनना है। पहले से जो बनी है, उसे और विकसित किया जाएगा।
  • 275 करोड़ रुपए से पर्यटन केंद्र बनेगा।
  • 289 करोड़ रुपए से पंचकोसी परिक्रमा मार्ग तैयार होगा।
  • 363 करोड़ रुपए से राम मंदिर से जुड़े मार्गों को विकसित किया जाएगा।
  • 237 करोड़ रुपए से मल्टीनेशनल पार्क विकसित किया जाएगा।
  • 300 करोड़ रुपए अमृत योजना के लिए दिया गया है।
  • 49 करोड़ रुपए से स्मार्ट सिटी विकसित होगी।
  • 873 स्क्वायर किलोमीटर में बेंचमार्किंग विजन प्लान
  • ADA के प्लान के मुताबिक, इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का प्लान पहले प्रोजेक्ट में है। अयोध्या का मास्टर प्लान जो 133 स्क्वायर किलोमीटर में है उसे दूसरा स्थान दिया गया है।
  • अथॉरिटी द्वारा 873 स्क्वायर किलोमीटर में बेंचमार्किंग विजन प्लान बनाया गया है। जबकि मार्केट एसेसमेंट का मास्टर प्लान जिसे ग्रीन फील्ड टाउनशिप कहा जाएगा करीब 5 किलोमीटर में होगा।

यातायात सुगम बनाने की दिशा में हो रहा काम
अयोध्या में सोलर सिटी, सुंदर अयोध्या जैसी योजनाओं पर काम चल रहा है। वहीं, शहर में सुगम परिवहन व्यवस्था पर भी काम चल रहा है। अयोध्या में 24 मीटर से लेकर 40 मीटर चौड़ी व 13 किलोमीटर लंबा मार्ग बनाया जा रहा है। 84 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही यह सड़क सहादतगंज, अयोध्या, नया घाट होते हुए राम मंदिर तक पहुंचाएगी। वहीं, हनुमान गढ़ी तिराहा से राम मंदिर तक 850 मीटर का मार्ग जो कि 52 करोड़ रुपये की लागत से बनवाया जा रहा है। वहीं पंचकोसी परिक्रमा निर्माण 227 करोड़ से होगा।

सरयू नदी के सुंदरीकरण पर विशेष फोकस
पर्यटकों की सुविधाओं के लिए 182 करोड़ रुपये की लागत से सुविधा केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय पहले ही बन चुका है। इसके अलावा 28 करोड़ की लागत से 2 किलोमीटर लंबा बाईपास रोड से नयाघाट तक बनेगी। सरयू तट पर स्नान घाट का सुंदरीकरण कर गुप्तार घाट से सरयू आरती स्थल तक 10 किलोमीटर का होगा व इसके आगे 3 किलोमीटर का क्षेत्र अयोध्या के दूसरे छोर पर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा जलाशयों, पशुओं को संरक्षण, वाल्मीकि रामायण सर्किट, वृक्षारोपण के साथ-साथ रोजगार की नई गतिविधियों को संचालित करने की योजना है।

क्या है अयोध्या में राम मंदिर घोटाले का आरोप ?
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर जमीन खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दो करोड़ रुपए में बैनामा कराई गई जमीन को 10 मिनट के अंदर 18.50 करोड़ रुपए में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया गया। पांडेय ने बताया कि यह जमीन सदर तहसील इलाके के बाग बिजैसी में स्थित है, जिसका क्षेत्रफल 12 हजार 80 वर्ग मीटर है। यह जमीन रवि मोहन तिवारी नाम के एक साधु और सुल्तान अंसारी के नाम बैनामा हुई थी। ठीक 10 मिनट बाद इसी भूमि का ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के नाम 18.50 करोड़ में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया जाता है। बैनामा और रजिस्टर्ड एग्रीमेंट 18 मार्च, 2021 को किया गया था।

पांडेय ने आरटीजीएस की गई 17 करोड़ रुपए रकम की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि यह धनराशि कहां-कहां गई, इसका पता लगाया जाए और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बैनामा और रजिस्टर्ड एग्रीमेंट में ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्र और नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय गवाह हैं।

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