Monday, August 2, 2021
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कट्‌टरपंथी इब्राहिम जीत सकते हैं; ये सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस भी, इस्लामी क्रांति के बाद जनता चुनने जा रही है 8वां राष्ट्रपति

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तेहरान में राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार इब्राहिम रईसी ने मतदान किया। - Dainik Bhaskar

तेहरान में राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार इब्राहिम रईसी ने मतदान किया।

  • सैकड़ों उम्मीदवार अयोग्य, वोटिंग कम होने की आशंका

ईरान में शुक्रवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुआ। शाम 5 बजे तक 23% यानी 1.4 करोड़ लोगों ने वोट डाले। ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में इस बार चार उम्मीदवार हैं। लेकिन कट्‌टरपंथी माने जाने वाले इब्राहिम रईसी (60) के जीतने की संभावना ज्यादा है। रईसी ईरान के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस भी हैं। रईसी को ईरान के सुप्रीम लीडर अली हुसैनी खमेनी का समर्थन है। चुनाव से पहले खमेनी ने कहा था- ‘अब हम पूर्व को प्राथमिकता देंगे।’ जबकि पारंपरिक तौर पर ईरान की विदेश नीति ‘न पूर्व और न पश्चिम’ की रही है।

चुनाव से पहले खमेनी के नेतृत्व वाले गार्जियन काउंसिल ने सैकड़ों नेताओं को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दे दिया था। ये नेता मौजूदा राष्ट्रपति हसन रूहानी के समर्थक हैं। इसलिए अब रईसी को चुनौती देने वाला कोई नहीं बचा है। चुनाव में 42 साल बाद सबसे कम मतदान की उम्मीद है। ईरानी स्टूडेंट पोलिंग एजेंसी के अनुसार इस बार 42% वोटरों के मतदान की उम्मीद है। जबकि 2017 में 73% वोटिंग हुई थी। ईरान में 6 करोड़ से ज्यादा वोटर्स हैं।

परमाणु समझौते पर पश्चिमी देशों को जवाब देने की तैयारी
अपने परमाणु कार्यक्रम के कारण ईरान का पश्चिमी देशों से तनाव है। रूहानी इस वादे के साथ पहली बार राष्ट्रपति चुनाव जीते थे। उन्हीं के कार्यकाल में 2015 में ईरान ने पश्चिमी देशों से परमाणु समझौता किया था। ईरान के कट्टरपंथी नेता परमाणु कार्यक्रम से पीछे हटने के विरोध में हैं। माना जा रहा है कि खमेनी ने पश्चिमी देशों को जवाब देने के लिए रईसी को सामने किया है।

शाम 5 बजे तक 23 फीसदी यानी 1.4 करोड़ लोगों ने वोट डाले

उत्तराधिकारी की तलाश जारी

सुप्रीम लीडर खमेनी 82 साल के हो गए हैं। चर्चा है कि रईसी खमेनी के उत्तराधिकारी हो सकते हैं। खमेनी खुद 8 साल राष्ट्रपति रहने के बाद सुप्रीम लीडर बने थे। ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद आठवां राष्ट्रपति चुनाव हो रहा है।

कैदियों की फांसी पर विवाद

ईरान में 1988 में 5 हजार राजनीतिक कैदियों को सामूहिक फांसी दी गई थी। माना जाता है कि इस सामूहिक फांसी में रईसी की भूमिका रही थी। हालांकि, रईसी इस मामले में बयान देने से बचते रहे हैं। अमेरिका ने भी इस मामले में रईसी की निंदा की थी।

अन्य तीन उम्मीदवार
बैंकर, डॉक्टर से लेकर बम धमाके में वांटेड भी

अब्दुल नसीर हेम्मती: 64 वर्षीय हेम्मती कई साल देश की सेंट्रल बैंक के प्रमुख रहे हैं। रुहानी सरकार में वे खुद को निर्दलीय उम्मीदवार बताते थे। वे चीन में ईरान के राजदूत भी रहे हैं।
आमिर हुसैन हाशमी: 50 साल के हाशमी पेशे से डॉक्टर हैं। उन्हें रूढ़िवादी विचार वाला व्यक्ति माना जाता है। संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वादा किया है कि राष्ट्रपति बने तो तीन दिन में स्टॉक मार्केट की स्थिति सुधार देंगे।
मोहसिन रजई: रजई 66 साल के हैं। वे कट्टरपंथी नेता के तौर चुनाव लड़ते रहे हैं। वे 1994 के ब्यूनस आयर्स के यहूदी सेंटर धमाके में अर्जेंटीना में वांटेड हैं। इस हमले में 85 मौतें हुई थीं।

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