Thursday, July 29, 2021
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संबित पात्रा बोले- कोरोना की लड़ाई में जब भी निर्णायक मोड़ आए, तब-तब कांग्रेस और राहुल ने राजनीति की कोशिश की

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संबित पात्रा ने आरोप लगाया है कि जब भी हिंदुस्तान में कुछ अच्छा होता है तो कहीं न कहीं कांग्रेसियों को चिढ़ होती है।- फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

संबित पात्रा ने आरोप लगाया है कि जब भी हिंदुस्तान में कुछ अच्छा होता है तो कहीं न कहीं कांग्रेसियों को चिढ़ होती है।- फाइल फोटो।

देश में कोविड मिस मैनेजमेंट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को श्वेत पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने कोरोना के खिलाफ मोदी सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए और संभावित तीसरी लहर के लिए सरकार को सुझाव दिए। इसी को लेकर अब भाजपा ने राहुल पर पलटवार किया है।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कोरोना की लड़ाई में जब भी निर्णायक मोड़ आए, तब-तब राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने राजनीति करने की भरसक कोशिश की है। उनकी तरफ से कहीं न कहीं भारत की कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को डिरेल करने का अथक परिश्रम किया गया।

भाजपा का राहुल पर आरोप
1. देश में कुछ भी अच्छा होने से कांग्रेस को चिढ़

जब भी हिंदुस्तान में कुछ अच्छा होता है और देश अच्छा परफॉर्म करता है, तो कहीं न कहीं कांग्रेसियों को उससे चिढ़ होती है। राहुल गांधी से रुका नहीं जाता और वो प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उस पूरे विषय पर एक प्रश्नचिन्ह लगाने का काम करते हैं।

योग दिवस के साथ ही कल का दिन बहुत महत्वपूर्ण था। कल पूरे विश्व में हिंदुस्तान एक मात्र ऐसा देश बना, जिसने एक ही दिन में लगभग 87 लाख लोगों का टीकाकरण किया। पूरे देश में इस लेकर एक पॉजिटिविटी देखने को मिली। इस बीच आज सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के श्वेत पत्र जारी करना दुखद है।

2. राजनीति से बाज नहीं रही कांग्रेस
जब देश में पहली बार लॉकडाउन लगाया, तो उसे तुगलकी लॉकडाउन बताया। अब कह रहे कि समय पर लॉकडाउन क्यों नहीं लगाया। पहले कहां हमें वैक्सीन चाहिए। अब कह रहे हैं कि वैक्सीन में गाय की सीरम है। हमें वैक्सीन क्यों नहीं दी जा रही है? इस सवाल के बीच पंजाब और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य कोवैक्सिन लेने से इनकार करते हैं। इस तरह कई बाधाएं राहुल और कांग्रेस पार्टी ने कोरोना की लड़ाई के बीच खड़ी की हैं।

3. सेकेंड वेव में कांग्रेस शासित राज्यों में लापरवाही
सेकेंड वेव कांग्रेस शासित राज्य से शुरू हुई। कांग्रेस शासित राज्यों में इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा और सर्वाधिक मामले आए। सबसे ज्यादा मौतें कांग्रेस शासित राज्यों में हुईं। कांग्रेस शासित राज्यों ने कोवैक्सिन को लेने इनकार किया और वहां सर्वाधिक मृत्यु दर रही। श्वेत पत्र जारी करने वालो को इस पर भी जवाब देना चाहिए।

राहुल के वैक्सीनेशन पर सवाल उठाए

  • पात्रा ने एक बार फिर राहुल और प्रियंका गांधी के वैक्सीनेशन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब मैंने सवाल किया, तो इन लोगों के हितैषियों ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि 15 मई को राहुल को कोरोना को हुआ, इसलिए वे 16 मई तय वैक्सीनेशन सेंटर पर नहीं गए।
  • उन्होंने इसे झूठा करार देते हुए कहा, ’18 मई को राहुल ने कहा कि अब मैं कोई चुनावी रैली नहीं करूंगा। मेरी पार्टी भी अब कोई रैली नहीं करेगी। इसके बाद 20 मई को उन्होंने अपने कोरोना संक्रमित होने की सूचना दी।’
  • उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मसले पर भी राजनीति कर रही थी। कोरोना जैसे हालात में हमें राजनीति नहीं करनी चाहिए। वैक्सीनेशन के मसले पर देश की जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए।

राहुल के व्हाइट पेपर में क्या था?
राहुल ने आज पार्टी की ओर से जो व्हाइट पेपर जारी किया, उसमें कहा गया कि इस श्वेत पत्र का मकसद सरकार पर सवाल उठाना नहीं है। हम सरकार की गलतियों का उल्लेख इसलिए कर रहे हैं ताकि आने वाले समय में गलतियों को ठीक किया जा सके और तीसरी लहर की तैयारी बेहतर तरीके से की जा सके।

व्हाइट पेपर में सरकार को 4 सुझाव
1.
तीसरी लहर की तैयारी अभी से शुरू की जाए
2. ऑक्सीजन, हॉस्पिटल बेड, दवा की कमी न हो
3. गरीबों को आर्थिक मदद देने की जरूरत
4. कोरोना से हुई मौतों पर परिवार को मुआवजा

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