Monday, August 2, 2021
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संजय सिंह बोले- BJP चंदा चोरों और प्रॉपर्टी डीलरों की पार्टी, इन लोगों को हिन्दुओं से माफी मांगना चाहिए

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राम मंदिर निर्माण में जमीन के कथित घोटाले को लेकर सियासत तेज हो रही है। विपक्षी दल राम मंदिर निर्माण समिति से जवाब मांग रहा है। आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी को चंदा चोर और प्रॉपर्टी डीलरों की पार्टी करार दिया है। मामले की जांच कराने की मांग के साथ-साथ इसे अदालत में ले जाने की चेतावनी भी दी है।

संजय सिंह ने दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में सवालों के जवाब दिए…

राम मंदिर जमीन मामले पर मंदिर निर्माण समिति और भाजपा का कहना है कि कहीं पर भी गलत नहीं हुआ। जान बूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है?
ये अगर खुद को साफ सुथरा कहना चाह रहे हैं तो मैं क्या कहूं। ये कितना कीचड़ और लगाना चाहते हैं। एक प्लॉट जो बिलकुल बगल का है, वो 10 हजार वर्ग मीटर का है। वो खरीदा जाता है 8 करोड़ रुपए में और उसके साथ लगता प्लॉट 12 हजार वर्ग मीटर का है। वो 18.50 करोड़ में खरीदा गया, जबकि बगल वाले प्लांट का रेट कम है। ये सीधा-सीधा चोरी है। इन लोगों की गिरफ्तारी होनी चाहिए और इन्हें हिन्दुओं से माफी मांगना चाहिए। राम मंदिर का निर्माण इनकी चोरी की वजह से रुका हुआ है। राम मंदिर जल्द बने और चंदा चोरों को जेल में डालो। 16.50 करोड़ रुपए इनसे वापस लेना चाहिए।

यह पूरा लेन देन चैक से हुआ है, तो इस मामले में चोरी कैसे हुई है?
सुल्तान अंसारी और आठ अन्य लोगों के साथ एक सौदा 2019 में हुआ था और 2019 में कुसुम पाठक और हरीश पाठक का 9 लोगों के साथ एग्रीमेंट था। वो एग्रीमेंट दो करोड़ रुपए में था। फिर वो एग्रीमेंट 18 मार्च 2021 को रद्द हो जाता है। जब एग्रीमेंट ही रद्द हो गया तो इस जमीन के मालिक असल रूप से हरीश पाठक और कुसुम पाठक हुए। अब हरीश और कुसुम दोनों को रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी को जमीन बेचनी ही थी तो इस जमीन को दो करोड़ रुपए में सीधा ट्रस्ट को दे देते या फिर 18 करोड़ 50 लाख में सीधा ट्रस्ट को दे देते क्योंकि अब एग्रीमेंट तो रहा ही नहीं था। रवि मोहन तिवारी और हरीश पाठक के बीच और सुल्तान व कुसुम पाठक के बीच में जो 2 करोड़ की डील हुई थी, वो इन लोगों ने करवाई थी। उस जमीन को खरीदा गया था।

रवि मोहन तिवारी की पहचान ऋषिकेश उपाध्याय, जो भाजपा के मेयर हैं, के रिश्तेदार के रूप में हुई है। उसका नाम शामिल करवाया गया है और फिर उसी से 18 करोड़ 50 लाख में प्लॉट बिकवाया गया है तो उसके खाते में जो पैसा गया है उसकी जांच होनी चाहिए। सुल्तान अंसारी के खाते में जो पैसा गया है, उस पैसे की जांच होनी चाहिए और ऋषिकेश उपाध्याय के भतीजे ने 7 जून को 1 करोड़ 90 लाख की जमीन खरीदी है। उसकी आमदनी की जांच होनी चाहिए।

ये एक पूरी चेन है, जो साफ तौर पर समझ में आ रही है। अगर चम्पतराय को ये जमीन अपने पैसे से खरीदनी होती तो क्या वो 10 हजार वर्ग मीटर के 8 करोड़ और 12 हजार वर्ग मीटर के 18 करोड़ पचास लाख देते। इसका मतलब यही है कि इसमें करोड़ों की हेरा-फेरी की गई है। इस प्रकरण में सबकी जांच होनी चाहिए।

भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा है कि कुछ भी गलत नहीं हुआ था। अगर किसी नेता को दिक्कत है तो वो अपना चंदा वापस ले सकते हैं?
ये सब बेकार की बातें हैं। हम तो सीधा जवाब मांग रहे हैं। वो महाराज शोले फिल्म के डायलॉग बोल रहे हैं। उनको मेरे कागजों का जवाब देना चाहिए।

इस मामले में अब क्या होना चाहिए?
रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी के खातों की जांच होनी चाहिए। इस मामले में जितने भी लोग शामिल हैं, उनके खाते सीज किए जाएं। अगर कोई भी जमीन 50 लाख से अधिक कीमत पर खरीदी जाती है तो राजस्व विभाग उसकी सूचना इनकम टैक्स को देता है। टैक्स वाले खरीदार को नोटिस देकर उनसे टैक्स वसूलते हैं। अगर इस मामले में ऐसा नहीं किया गया तो ये आपराधिक लापरवाही है और उन लोगों पर भी केस दर्ज किया जाना चाहिए। इन सबको जेल में डाल कर पैसे की वसूली होनी चाहिए क्योंकि ये देश के करोड़ों राम भक्तों का चंदा है।

तो ऐसे हालात में राम मंदिर का निर्माण किस प्रकार आगे बढ़ना चाहिए?
राम मंदिर का निर्माण तेज गति से होना चाहिए, साथ ही चंदा चोरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इन लोगों को देश के करोड़ों हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी का इस मामले में अब अगला कदम क्या रहने वाला है?
अब हम इस मामले में जल्द ही कोर्ट में जाएंगे और इस बारे में वकीलों से सलाह ले रहे हैं। इसमें मेरे अकेले का सवाल नहीं है। रामलला के मुख्य पुजारी ने इसका विरोध किया है। इसके साथ जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती हिन्दू महासभा के अध्यक्ष चक्रपाणी सहित निर्मोही अखाड़ा के अध्यक्ष ने भी पूरे प्रकरण का विरोध किया है।

भाजपा की ओर से जो सफाई दी जा रही है उस पर आपका क्या कहना है?
भाजपा तो चंदा चोर पार्टी है। इनके कोई तर्क सही नहीं है। मैंने ये बता दिया है कि उनकी पार्टी का मेयर किस प्रकार चोरी करवा रहा है। अब इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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