Monday, September 20, 2021
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स्मार्टफोन के कैमरे से देख सकेंगे मुंह के बैक्टीरिया, घर पर ही जुबान को स्कैन करें और देखें बैक्टीरिया है या नहीं

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बैक्टीरिया की जांच के लिए 3डी रिंग वाले मोबाइल कैमरे में 10 एलईडी लाइट लगाई गईं। - Dainik Bhaskar

बैक्टीरिया की जांच के लिए 3डी रिंग वाले मोबाइल कैमरे में 10 एलईडी लाइट लगाई गईं।

  • वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने जांच के लिए तैयार किया स्मार्टफोन
  • कहा, बैक्टीरिया मौजूद होने पर उसे स्मार्टफोन के कैमरे में कैप्चर किया जा सकेगा

अब मोबाइल फोन के कैमरे से भी बैक्टीरिया का पता लगाया जा सकता है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने मोबाइल कैमरे में बदलाव किया और इसे एलईडी ब्लैक लाइट से जोड़ा। इस कैमरे से इंसान की जुबान को स्कैन किया गया। इस दौरान दांतों के बैक्टीरिया चमकते हुए नजर आए। इसकी मदद से एक्ने के बैक्टीरिया भी देखे जा सकते हैं।

घर पर कर सकेंगे जांच
इसे तैयार करने वाली वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है, स्मार्टफोन दुनियाभर में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। यह लोगों के बजट में हैं और उनके लिए बैक्टीरिया की जांच करना आसान है। इस डिवाइस की मदद से घर पर लोग जान सकेंगे बैक्टीरिया है या नहीं।

शोधकर्ता डॉ. रुईकैंन्ग वैंग का कहना है, स्किन और मुंह के बैक्टीरिया हमारे स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। दांत और मुंह के मसूढ़ों के बैक्टीरिया घाव को भरने की रफ्तार को धीमा करते हैं।

इस तरह चमकते हुए दिखते हैं बैक्टीरिया।

इस तरह चमकते हुए दिखते हैं बैक्टीरिया।

बैक्टीरिया का ऐसे पता लगाते हैं
बैक्टीरिया की जांच के लिए 3डी रिंग वाले मोबाइल कैमरे में 10 एलईडी लाइट लगाई गईं। शोधकर्ताओं का कहना है, बैक्टीरिया खास तरह की तरंगें छोड़ता है, इसलिए यह आम मोबाइल कैमरे से पकड़ में नहीं आता। लेकिन ब्लैक एलईडी लाइट से इनकी तरंगों का पता लग जाता है। साबित हो जाता है कि बैक्टीरिया मौजूद है।

स्किन पर अधिक दिखते हैं बैक्टीरिया
शोधकर्ता डॉ. किंगहुआ का कहना है, एलईडी लाइट जलने पर बैक्टीरिया से निकलने वाला खास तरह का मॉलीक्यूल (पोरफायरिन) लाल चमकदार सिग्नल देता है। इसे स्मार्टफोन का कैमरा कैप्चर कर लेता है।

डॉ. किंगहुआ कहते हैं, जब स्किन के घाव नहीं भरते हैं तब पोरफायरिन मॉलीक्यूल अधिकतर स्किन पर देखा जा सकता है क्योंकि कई बैक्टीरिया मौजूद होते हैं।

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