Tuesday, September 21, 2021
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तेंदुलकर WTC के फॉर्मेट से सहमत नहीं, कहा- टेस्ट चैंपियन एक मैच से तय करना ठीक नहीं

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टीम इंडिया 18 से 22 जून तक इंग्लैंड के साउथैम्पटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC का फाइनल मैच खेलने उतरेगी। टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 और नंबर-2 पर काबिज इन दोनों टीमों के बीच होने वाले मुकाबले पर पूरे क्रिकेट जगत की नजर है। भास्कर ने इस फाइनल मैच को लेकर दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन और शतक जमाने वाले बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से बात की। सचिन ने भारतीय टीम के संभावित कॉम्बिनेशन, इंग्लैंड के कंडीशंस और टेस्ट चैंपियनशिप के फॉर्मेट पर विस्तार से अपनी राय रखी। आप भी पढ़िए…

सवाल: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के फॉर्मेट की बहुत चर्चा हो रही है, टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री सहित कई एक्सपर्ट का मानना है कि फाइनल बेस्ट ऑफ थ्री होना चाहिए, आप क्या मानते हैं?

जवाब: भारत और न्यूजीलैंड की टीमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत कई टेस्ट सीरीज खेलकर फाइनल में पहुंची हैं। बेहतर होता कि फाइनल भी एक सीरीज के तौर पर खेला जाता, न कि एक मैच के तौर पर। अगर आपको फाइनल में एक मैच ही खेलना है तो इससे पहले होने वाली तमाम टेस्ट सीरीज के एक-एक मैच को ही टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा बनाना चाहिए।

जैसे अगर किसी सीरीज में तीन या चार मैच हैं, तो उसके एक मैच को टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा बनाएं और बाकी मैचों को इससे बाहर रखें, लेकिन अगर पूरी सीरीज टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है तो फाइनल भी एक सीरीज के तौर पर होना चाहिए। हालांकि मैं समझ सकता है कि आजकल मैच ज्यादा हो रहे हैं, इसलिए सीरीज के लिए समय नहीं मिला होगा।

सवाल: इस मैच से पहले इंग्लैंड के कंडीशंस पर बहुत बात हो रही है, फाइनल में कंडीशन का कितना बड़ा रोल हो सकता है?
जवाब: बहुत बड़ा रोल हो सकता है। कंडीशन के हिसाब से खेलना, कार ड्राइविंग की तरह है। जब रेड सिग्नल आए तो गाड़ी रोकनी पड़ती है। ग्रीन सिग्नल में आप आगे बढ़ते हो। रास्ता साफ हो तो आप चौथी गियर लगाकर गाड़ी तेज चला सकते हो। टेस्ट मैच में भी ऐसा ही होता है।

अगर आसमान में बादल छाए हुए हैं और पिच गीली है तो आपको संभलकर खेलना होगा। एक बार क्रीज पर सेट होने के बाद तेजी से बल्लेबाजी की जा सकती है। फाइनल में भी कंडीशन बहुत मैटर करेगा। खिलाड़ियों को उसके हिसाब से अपने खेल को ढालना होगा।

अगर विराट कोहली फाइनल में टॉस जीतते हैं, तो उन्हें पहले बल्लेबाजी करनी चाहिए या गेंदबाजी?
जवाब: यह भी कंडीशन पर निर्भर करेगा। अगर पिच गीली रहती है या आसमान में बादल छाए रहते हैं और लंबे समय तक ऐसे कंडीशन के आसार होते हैं तो पहले बॉलिंग फायदेमंद हो सकती है। वहीं, अगर मौसम साफ रहा और पिच में नमी कम हो तो पहले बैटिंग करना अच्छा हो सकता है।

सवाल: साउथैम्पटन के कंडीशन के हिसाब से आपकी राय में फाइनल में टीम इंडिया का कॉम्बिनेशन कैसा हो सकता है?
जवाब: भारत के पास तीन विकल्प हैं।
पहला विकल्प: टीम 7 बल्लेबाज (विकेटकीपर सहित), तीन फास्ट बॉलर और एक स्पिनर के साथ जाए।
दूसरा विकल्प: 6 बल्लेबाज, 3 तेज गेंदबाज और 2 स्पिनर खिलाएं।
तीसरा विकल्प: 6 बल्लेबाज, 4 फास्ट बॉलर और 1 स्पिनर को मौका दें।
मेरे ख्याल से मैच से पहले पिच और कंडीशन को देखकर टीम कॉम्बिनेशन का फैसला होगा। कई बार कंडीशंस में इतने बदलाव होते रहते हैं कि मैच से एक दिन पहले तक तय करना मुश्किल होता है कि टीम कॉम्बिनेशन क्या हो। टीम इंडिया सभी पहलू पर विचार करने के बाद ही इसे तय करेगी।

सवाल: अगर आपको भारत की बॉलिंग लाइनअप चुननी हो तो आप किन तेज गेंदबाजों को शामिल करेंगे?
जवाब: अगर टीम तीन तेज गेंदबाजों के साथ जाना चाहेगी तो ईशांत, बुमराह, शमी और सिराज में से तीन खेल सकते हैं। अगर चार तेज गेंदबाज को शामिल करना होगा तो शार्दूल ठाकुर को मौका मिल सकता है। शार्दूल अच्छी बल्लेबाजी कर लेते हैं। लिहाजा चार तेज गेंदबाजों की स्थिति में उन्हें मौका मिल सकता है।

फाइनल मैच में कौन से गेंदबाज इंडिया के लिए ट्रम्प कार्ड साबित हो सकते हैं?
जवाब: हमारे सभी गेंदबाजों के पास अपनी-अपनी खासियत है। बुमराह का एक्शन सबसे अलग है। वे अलग तरह का चैलेंज बल्लेबाजों के सामने पेश करते हैं। मोहम्मद शमी आपको टीवी पर जितने तेज दिखते हैं, वास्तविकता में वे उससे कहीं अधिक तेज गेंद डालते हैं। सिराज के पास युवा जोश है। ईशांत अच्छी स्विंग और सीम कराते हैं।

सवाल: न्यूजीलैंड के कौन से खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं?
जवाब: न्यूजीलैंड की टीम भी काफी संतुलित है। उनके पास ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी जैसे स्ट्राइक बॉलर हैं। इसके बाद नील वैगनर, कोलिन डि ग्रैंड होम जैसे गेंदबाज सपोर्ट के लिए हैं। मुझे लगता है कि फाइनल मैच में कीवी टीम बोल्ट और साउदी पर ज्यादा भरोसा करेगी। ये काफी अच्छे गेंदबाज हैं।

सवाल: दोनों टीमों की बल्लेबाजी के बारे में क्या कहेंगे?
जवाब: बल्लेबाजी में टीम इंडिया का पलड़ा भारी है। भारत के पास सभी कंडीशन में अच्छी बल्लेबाजी करने लायक खिलाड़ी हैं।

सवाल: जब से आपने खेलना शुरू किया, तब से अगर नजर डालें तो हमारी टीम ने 1990 से 2007 तक इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन 2011 के बाद से इंग्लैंड में हमारा प्रदर्शन कमजोर होता गया, क्यों?
जवाब: टेस्ट मैच जीतने के लिए 20 विकेट लेना जरूरी होता है, लेकिन साथ ही रन बनाना भी उतना ही जरूरी होता है। इंग्लैंड में पिछली कुछ सीरीज में हम पर्याप्त रन नहीं बना सके। ज्यादा बड़ी पार्टनरशिप न होने से हमारे रन कम बने। मुझे लगता है कि यह एक बड़ा कारण है कि हाल के समय में इंग्लैंड में हमारा प्रदर्शन खास अच्छा नहीं रहा।

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