Tuesday, September 21, 2021
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​​​​​​​गेब्रेयेसस बोले- अमीर देश अनलॉक हो रहे और युवा पीढ़ी को वैक्सीनेट कर रहे, जबकि गरीब देशों में वैक्सीन की भारी किल्लत

दुनियाभर में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने गरीब देशों के लिए वैक्सीन मांगी है। इंटरनेशनल हेल्थ बॉडी के चीफ डॉ. टेड्रोस गेब्रेयेसस ने कहा कि अमीर देश अब अनलॉक हो रहे हैं। वहां बड़ी संख्या में युवा आबादी को भी वैक्सीन लगाई जा रही है, लेकिन गरीब देशों में हालात बिल्कुल उलट हैं। यहां वैक्सीन की किल्लत की वजह से लोगों को सुरक्षा देना मुश्किल होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अफ्रीका में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। पिछले हफ्ते यहां कोरोना के मामले और मौतें करीब 40% तक बढ़ गई हैं। डेल्टा वैरिएंट पूरी दुनिया में फैला रहा है। ऐसे देशों को हम वैक्सीन नहीं दे पा रहे हैं। ग्लोबल कम्यूनिटी के तौर पर हम फेल हो रहे हैं।

गरीब देश भारी खतरे से जूझ रहे
उन्होंने कहा कि डेल्टा वैरिएंट कम से कम 85 देशों में फैल रहा है। वहीं, गरीब देशों में टीके की कमी इसके खतरे को और बढ़ा रही है। अमीर देश विकासशील देशों को तत्काल टीका नहीं देना चाहते। ऐसे देश निराश हैं क्योंकि उनके पास टीके नहीं हैं। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए पूछा कि अगर टीका नहीं, तो आप क्या साझा करेंगे?’

30 से 40 देशों में टीके की कमी
इस बीच WHO चीफ के वरिष्ठ सलाहकार ब्रूस एल्वार्ड ने बताया कि कई देश ऐसे हैं, जहां पर कोविशील्ड वैक्सीन का एक डोज दिए जाने के बाद दूसरे डोज की कमी हो गई है। यह कमी 30 से 40 देशों में है। इसको दूर करने के लिए भारत सरकार और सीरम इंस्टीट्यूट से वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए मदद मांगी गई है। ब्रूस एल्वार्ड ने बताया कि अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के देशों में वैक्सीन की ज्यादा किल्लत है।

100 ज्यादा देशों को टीका उपलब्ध करा चुका है कोवैक्स
दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने की वैश्विक पहल कोवैक्स के जरिए अब तक 100 से अधिक देशों को वैक्सीन मुहैया करवाई गई है। इसके जरिए सबसे पहले 24 फरवरी को पश्चिमी अफ्रीकी देश घाना को वैक्सीन दी गई थी। WHO को उम्मीद है कि कोवैक्स इस साल कम से कम दो अरब टीकों की आपूर्ति कर सकता है। जिन 100 देशों को टीके दिए गए हैं, उनमें से 61 देश, 92 कम आय वर्ग वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं।

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