Monday, August 2, 2021
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इंटरनल क्लॉक की शक्ति से थकान दूर कर बढ़ा सकते हैं अपनी प्रोडक्टिविटी, जब ज्यादा सक्रिय रहते हैं, उस वक्त सबसे जरूरी काम कर लें

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जैविक घड़ी गड़बड़ाती है तो कॉलेस्ट्रॉल, कमर की चर्बी बढ़ना और दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है। - Dainik Bhaskar

जैविक घड़ी गड़बड़ाती है तो कॉलेस्ट्रॉल, कमर की चर्बी बढ़ना और दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है।

‘इस वक्त रात के करीब एक बजे हैं और मैं कुछ टाइप कर रहा हूं। मेरे जैसे सुबह जल्दी उठने वाले लोगों के लिए यह ठीक नहीं है।’ ये शब्द हैं वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट के प्रो. क्रिस्टोफर बार्न्स के। वे कहते हैं कि नींद आने के बावजूद ऐसा कर रहे हैं तो नतीजे भुगतने होंगे। जैविक घड़ी गड़बड़ाती है तो कॉलेस्ट्रॉल, कमर की चर्बी बढ़ना और दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इंटरनल क्लॉक की शक्ति से थकान दूर कर प्रोडक्टिविटी बढ़ा सकते हैं। पढ़िए कुछ तरीके…
रात के वक्त काम घटाएं

प्रो. बार्न्स कहते हैं कि सुबह के वक्त के अनुसार ही अपने काम के घंटे तय करें। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे का वक्त सबसे बढ़िया होता है। संभव हो तो रात के काम का समय घटाएं और उसे दिन में पूरा करने की कोशिश करें।
कैलोरीज को लंच और नाश्ते में समाहित करें

कोरोनोवस्की के मुताबिक खाना आपकी इंटरनल क्लॉक को उत्प्रेरित करता है। अपनी कैलोरी को लंच और नाश्ते में ही पूरा कर लें। सोने के तीन से पांच घंटे पहले तक हल्का डिनर लें। इससे मेटोबॉलिज्म में सुधार होगा।
पोषण न देने वाला खाना न खाएं

कोरोनोवस्की का मानना है कि देर रात तक जागने पर आप कुछ भी खाएंगे। इन चीजों से पोषण नहीं मिलता। ऐसी डाइट को छोड़ें। रात के खाने से कुछ फायदा नहीं होगा।
ऑफिस में चर्चा करें

अपने वरिष्ठों से इस पर बात करें कि किस वक्त आप सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं। प्रो. बार्न्स कहते हैं िक मैनेजरों को भी इसका ध्यान रखना चाहिए कि समझ के स्तर में कैसे बदलाव होता है।
थकान लगे तो सो जाएं

जब भी थकान लगे तो सो जाएं। शोर, रोशनी और तापमान नींद पर असर डाल सकते हैं। इसलिए सुनिश्चित कर लें कि नींद के लिए सभी जरूरतें पूरी हो गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन तरीकों पर अमल करके बहुत हद तक थकान कम करने के साथ प्रोडक्टिविटी बढ़ाई जा सकती है।

कीमती वक्त को वर्कआउट में न बिताएं

आप रोजाना स्वाभाविक रूप से कब (बिना अलार्म) उठते हैं। बहुत से लोग इस समय के बाद सबसे ज्यादा सतर्क हो जाते हैं। कैलिफोर्निया यूूनिवर्सिटी में शोधकर्ता केविन कोरोनोवस्की के मुताबिक इस वक्त आपको सबसे महत्वपूर्ण काम कर लेना चाहिए। इस बेशकीमती वक्त को वर्कआउट या कहीं आने-जाने में न बिताएं। स्टडी में साबित हो चुका है कि ऑफिसों में 11 बजे लोग सबसे ज्यादा प्रोडक्टिव होते हैं। यही वक्त आपके चुनौतीपूर्ण कामों के लिए भी उपयुक्त रहता है।

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