Sunday, July 18, 2021
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दुनिया का सबसे खुशहाल देश कामगारों की कमी से परेशान; चाहता है- दूसरे देशों के लोग यहां आकर बसें

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टैलेंटेड सॉल्यूशंस के रिक्रूटर साकू तिहवेरेन ने बताया कि हमें देश में बड़ी संख्या में लोगों की आवश्यकता है। बूढ़ी होती आबादी को कवर करने और उन्हें रिप्लेस करने के लिए हमें युवाओं की जरूरत है। - Dainik Bhaskar

टैलेंटेड सॉल्यूशंस के रिक्रूटर साकू तिहवेरेन ने बताया कि हमें देश में बड़ी संख्या में लोगों की आवश्यकता है। बूढ़ी होती आबादी को कवर करने और उन्हें रिप्लेस करने के लिए हमें युवाओं की जरूरत है।

  • जापान के बाद फिनलैंड दूसरा देश, जहां बूढ़ी आबादी ज्यादा, युवा कम

दुनिया का सबसे खुशहाल देश फिनलैंड अपने सबसे अच्छे जीवन स्तर, सुख-सुविधाओं और सिस्टम के लिए जाना जाता है। यहां ऐसा कोई भी नहीं है, जो खुश न हो। लेकिन फिनलैंड एक बात को लेकर चिंतित है। वो है- देश की बूढ़ी होती आबादी, जिसके चलते फिनलैंड कामगारों की कमी से जूझने लगा है। ऐसे में फिनलैंड चाहता है कि दूसरे देशों के लोग यहां आकर बसें।

एकेडमी ऑफ फिनलैंड के रिसर्च फेलो चार्ल्स मैथीज बताते हैं- ‘बिजनेस और सरकार की कई वर्षों की निष्क्रियता के बाद फिनलैंड आज मुश्किल दौर से गुजर रहा है। आबादी बुजुर्ग हो रही है। हमें लोगों की जरूरत है।’ टैलेंटेड सॉल्यूशंस के रिक्रूटर साकू तिहवेरेन ने बताया कि हमें देश में बड़ी संख्या में लोगों की आवश्यकता है। बूढ़ी होती आबादी को कवर करने और उन्हें रिप्लेस करने के लिए हमें युवाओं की जरूरत है।

इधर, प्रवासियों के फिनलैंड नहीं आने के पीछे कई राजनीतिक और सामाजिक दिक्कतें बताई जाती हैं। हेलिंस्की के मेयर जॉन वापावुरी कहते हैं कि वे दुनिया में किसी को भी आने और उनके लिए हेलिंस्की में काम तलाशने में मदद कर सकते हैं। लेकिन व्यक्ति को अकेले आना होगा। उनकी पत्नी या पति को नौकरी पाने में दिक्कत आती है। इस वजह से भी लोग फिनलैंड नहीं बसना चाह रहे हैं।

इसे लेकर मैथीज कहते हैं कि 2013 में 8 स्पेनिश नर्सों में 5 को वासा शहर में भर्ती किया गया था। कुछ महीनों के बाद उन्होंने मंहगाई, ठंडे मौसम और भाषा का हवाला देते हुए नौकरी और देश छोड़ दिया।

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट: लगातार चौथे साल टॉप पर फिनलैंड

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, फिनलैंड में प्रति 100 कामकाजी उम्र के लोगों में 39.2% लोग 65 साल या उससे ऊपर के हैं। बूढ़ी आबादी में फिनलैंड जापान के बाद दूसरे स्थान पर है। 2030 तक यहां वृद्धावस्था निर्भरता अनुपात बढ़कर 47.5 हो जाएगा। ‘वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट’ में फिनलैंड को लगातार चौथी बार पहला स्थान प्राप्त हुआ है।

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